कक्षा 6 से 8 तक के छोटे बच्चे स्कूल पहुंचे तो उनकी खुशी का ठिकाना

कोरोना के कारण तकरीबन सालभर बाद कक्षा 6 से 8 तक के छोटे बच्चे स्कूल पहुंचे तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। चेहरे पर मास्क लगाए और जेब में सेनिटाइजर डाले बच्चे दोस्तों और शिक्षकों के बीच पहुंचे तो ऐसा लगा मानो सारी दुनिया की खुशी उन्हें मिल गई।

रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज राजापुर में पहले 6 से 8 तक के बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई फिर सेनिटाइजर लगाया गया और फिर तिलक लगाकर स्वागत किया गया। प्रधानाचार्य बांके बिहारी पांडेय के मार्गदर्शन में विद्यालय के संगीताचार्य मनोज गुप्ता ने श्लेष गौतम द्वारा लिखित गीत ‘नई सुबह होने को आई फिर स्कूल खुले हैं, हंसी खुशी के रंग बरसे हैं अक्षर फूल खिले हैं को जोशीले अंदाज में प्रस्तुत किया। सेंट एंथोनी इंटर कॉलेज में प्रवेशद्वार पर एक गार्ड के हाथ में थर्मल स्कैनर था और दूसरे गार्ड के हाथ में सेनिटाइजर। तापमान नापने के बाद लड़कियों को स्कूल के अंदर प्रवेश दिया जा रहा था। नैनी अम्बेडकर नगर स्थित बेथनी कान्वेंट स्कूल में छात्रों को अपने क्लास रूम तक पहुंचने के लिए चार चेकप्वाइंट से होकर गुजरना पड़ा। पहले मेन गेट पर थर्मल स्कैनिंग हुई, दूसरा सेंसरयुक्त सेनिटाइजर मशीन से होकर गुजरना, तीसरा कक्षा में प्रवेश से पहले हाथों को सेनिटाइज करने के बाद क्लासरूम के बाहर लगाए गए कोविड जागरूकता बैनर- पोस्टर को पढ़ने के बाद प्रवेश मिला। रसूलाबाद स्थित चिन्मय मिशन स्कूल में छह से आठ तक की कक्षाएं तीन दिन से चल रही हैं। शिक्षक विवेक कुमार पांडेय ने बताया कि स्कूल में छात्र-छात्राएं कम हैं लेकिन कक्षा शुरू होने से पहले सोशल डिस्टेसिंग का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

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