बेसिक शिक्षा विभाग की स्थानांतरण नीति को योगी ने दी मंजूरी

लखनऊ. बेसिक शिक्षा विभाग के स्थानांतरण निति को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गुरुवारको मंजूरी दे दी. इस बार की ट्रांसफर आकांशी जनपदों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. बता दें कि यूपी में 8 आकांशी जनपद है, जिनमें बलरामपुर ,श्रावस्ती, बहराइच, सिद्धार्थनगर, चंदौली,सोनभद्र, फतेहपुर और चित्रकूट शामिल है. पहले इन जिलों को ट्रांसफर पालिसी से बहार रखा जाता था. इस बार विभाग ने ऑनलाइन मोड पर इन जिलों को भी ट्रांसफर निति में शामिल किया है.

ट्रांसफर पालिसी में किए अहम बदलाव: बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा है कि हमारी यह कोशिश हैं कि अभी तक ग्राम और शहर के ट्रांसफर अलग-अलग होते थे. गांव से शहर और इसके उल्टा शहर से गांव में ट्रांसफर नहीं हो सकता था. उन्होंने कहा कि इस बार की ट्रांसफर निति में हमने इस विकल्प को खोला है. जो शिक्षक ग्रामीण क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहे है उनको भी शहर में आने का मौका दिया जाये. नगरों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी है उसको भी पूरा करने का हर संभव प्रयास किए जा रहे है. ऐसे में बड़े हद तक शिक्षकों को भी इस निति से विशेषकर आकांशी जिलों और ग्रामीण क्षेत्र फायदा मिलता दिख रहा है.

सीएम योगी को दिया धन्यवाद: बेसिक शिक्षा विभाग की बहुप्रतीक्षित स्थान्नतरण निति को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मंजूरी मिल जानने से प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों में खुशी की लहर है. सभी शिक्षक अभी से अपने सभी प्रपत्रों को इकठा करके आवेदन की तिथि का इंतजार कर रहे है. प्राथमिक विद्यालय कैबिनेट गंज की इंचार्ज रिज़वाना परवीन ने महिलाओं के लिए इस स्थानांतरण नीति को सही ठहराया है, साथ ही साथ इतनी जल्दी इसको पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री व विभगीय मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है.

वरीयता के होंगे अलग-अलग पैमाने: विभाग द्वारा ऑनलाइन मोड से ट्रांसफर पारदर्शी ढंग किया जायेगा. विभाग ने ऑनलाइन ट्रांसफर के लिए एक फॉर्मेट बनाया है जिसके द्वारा शिक्षकों के ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किये जायेंगे. उसमें कुछ कैटेगरी है जिनको प्राथमिकता देने की बात कही गई है. जिनका सेवाकाल लंबा है, जो ज्यादा दिनों से नौकरी कर रहे हैं. उनको विभाग प्राथमिकता के अंक देगा. सभी वर्ग को अलग-अलग अंक दिए जायेंगे जो सैनिकों के अर्धसैनिक बलों के परिवार के लोग हैं. पति या पत्नी में से कोई अगर शिक्षक है और दूसरा सैनिक है अथवा सैनिक बल है तो उनको वरीयता दी जाएगी.

सैनिकों के परिवार वालों को मिलेगी वरीयता: जो शिक्षक स्वयं गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं या जिनके परिवार से कोई बीमारी से ग्रस्त हो अथवा उनको देखभाल की आवश्यकता है, उनको भी वरीयता दी जाएगी. जो पति- पत्नी एक दूसरे के कार्यस्थल पर जाना चाहते है. पति के कार्यस्थल पर पत्नी या पत्नी के कार्यस्थल पर पति उनको भी वरीयता दी जाएगी. जो पुरस्कार प्राप्त शिक्षक हैं, जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त या राज्य पुरस्कार प्राप्त उन को भी वरीयता दी जाएगी. इस तरह के कई मानक विभाग द्वारा तय किये गए है जिनके अनुसार अंक को दिया जायेगा. शिक्षकों को ऑनलाइन अप्लाई करना होगा वो जिस कैटेगरी में आएंगे उनको उसी के अनुरूप अंक मिलेंगे. News Source-hindi.news18.comImage Source – indiatoday.in

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