अब चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए नहीं करना होगा इंतजार

लखनऊ। प्रदेश सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए नौकरी पाने वालों को जल्दी ही बड़ी सौगात दे सकती है। सरकार चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति व तैनाती शैक्षिक अभिलेख 9 चरित्र सत्यापन तक न रोकने का विचार कर रही है। प्रस्ताव है कि चयनितों से शपथपत्र लेकर चयन के तत्काल बाद नियुक्ति देने को व्यवस्था की जाए। दरअसल, प्रदेश में विभिन्‍न भर्ती व चयन आयोगों से हजायें की संख्या में अभ्यर्थी हर वर्ष चयनित होते हैं। चयनित अभ्यर्थियों कौ नियुक्ति उनके शैक्षिक अभिलेखों व चरित्र के सत्यापन तथा मेडिकल जांच के बाद करने की व्यवस्था है। जहां नियुक्ति दे दी जाती है वहां वेतन भुगतान बिना सत्यापन नहों दिया जाता है। इस प्रक्रिया में कई बार महीनों लग जाते हैं जिससे अभ्यर्थियों का चयन होने के बाद नियुक्ति मिलने में देरी होती है।

सरकार इस व्यवस्था को बदलने पर विचार कर रही है। हाल ही में मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में इज ऑफ लिविंग से जुड़े एजेंडे पर चर्चा में कार्मिक विभाग ने इस प्रस्ताव का खुलासा किया है। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कार्मिक विभाग चयनित अभ्यर्थियों से शपथपत्र लेकर प्रोविजनल ज्वाइनिंग देने की व्यवस्था बनाने पर विचार कर रहा है। अभ्यर्थियों से शपथ पत्र में लिखवाया जाएगा कि उनके शैक्षिक प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र, मेडिकल में अगर कोई प्रतिकूल तथ्य पाया जाता है तो उन्हें सेवा से निष्कासित कर दिया जाए व विधिक कार्यवाही की जाए। निष्कासन से पूर्व उसे सुनवाई का अवसर भी देने का प्रस्ताव है ताकि आगे ज्यादा वाद-विवाद का अवसर न रहे। स्वास्थ्य परीक्षण में लगने वाले अधिक समय को देखते हुए इसके लिए समय-सीमा भी तय करने की योजना है। इस प्रस्ताव पर उच्च स्तर से सहमति का इंतजार है। नई व्यवस्था लागू होने से चयनित युवाओं को नौकरी की ज्वाइनिंग के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह उनके लिए किसी सौगात से कम नहीं होगा।

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