प्रमोशन लेट होने से पेंशन लाभ पाएंगे, पर रुतबा से रह गए वंचित

UP Boardप्रयागराज : विभागीय कामकाज में देरी नुकसान कर देती है। राजकीय इंटर कालेज के प्रवक्ताओं की विभागीय पदोन्नति (डीपीसी) में ऐसा ही हुआ।

करीब 25 प्रवक्ताओं को प्रधानाचार्य पद पर बुधवार को प्रोन्नति तो मिली, लेकिन सेवानिवृत्त हो जाने के बाद। इस तरह नियमानुसार वह पेंशन का लाभ तो पाएंगे, लेकिन प्रधानाचार्य के रूप में कालेज जाने का सम्मान और रुतबा पाने के अरमान मन में ही रह गए। राजकीय इंटर कालेजों में विभागीय पदोन्नति की रफ्तार इस कदर धीमी है कि प्रधानाचार्य पद के लिए 2013 के बाद 17 जनवरी 2018 को डीपीसी हुई। करीब 25 प्रवक्ता बिना प्रधानाचार्य पद पर प्रोन्नत हुए ही सेवामुक्त हो गए। इनमें राजेंद्र प्रताप श्रीवास्तव, इंद्रजीत श्रीवास, रामदुलार नागवंशी, अनूप सिंह, सुभाष चंद्र पाण्डेय, दिनेश कुमार, नंद प्रसाद यादव, राम निवास शर्मा, पुरुषोत्तम सिंह, रज्जब अली, रामचंद्र यादव, कमल सिंहर, रेनू गौतम, कंचन श्रीवास्तव, रीता सक्सेना, शशिबाला गुप्ता आदि के नाम शामिल हैं।

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