प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) ऑफलाइन ही आयोजित की जाएगी

लखनऊ : उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से द्विस्तरीय परीक्षा प्रणाली के तहत आयोजित की जाने वाली प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) ऑफलाइन ही आयोजित की जाएगी। आयोग की ओर से परीक्षा को ऑफलाइन आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।

राज्य सरकार की सेवाओं में समूह-ग की प्राय: सभी भर्तियों में अभ्यर्थियों की भारी भीड़ की समस्या से पार पाने के लिए आयोग ने दो चरणों में भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने का फैसला लिया है, जिसे शासन ने भी मंजूरी दे दी है। पहले चरण में अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग के लिए प्रारंभिक अर्हता परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा के जरिये शॉर्टलिस्ट किये गए अभ्यर्थियों के लिए आयोग की ओर से विभागों की सेवा नियमावलियों के अनुसार मुख्य परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

आयोग अप्रैल के आखिरी या मई के पहले हफ्ते में पीईटी आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। भर्तियों में तेजी लाने के लिए आयोग प्रारंभिक और मुख्य परीक्षाओं को ऑनलाइन आयोजित करने पर विचार मंथन कर रहा था। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा में तकरीबन 30 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। आयोग ने जब आकलन किया तो पता चला कि एक बार में अधिकतम 50 हजार अभ्यर्थी ऑनलाइन परीक्षा में बैठ सकते हैं। इस हिसाब से लगभग 30 लाख अभ्यर्थियों के लिए 60 पालियों में परीक्षा आयोजित करनी पड़ेगी, जो अव्यावहारिक होगा। लिहाजा अब आयोग ऑफलाइन मोड में ही प्रारंभिक अर्हता परीक्षा कराने की तैयारियों में जुटा है। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा के पाठ्यक्रम और कार्यक्रम को जल्द ही मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने की संभावना है।