भारी पड़ेगी शिक्षकों की उपेक्षा, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर हुआ प्रदर्शन आक्रोश

  

वित्तविहीन शिक्षकों को पूर्णकालिक घोषित करके समान कार्य के लिए समान वेतन का भुगतान, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करना, सहायता प्राप्त विद्यालय के शिक्षकों को निश्शुल्क चिकित्सा सुविधा देने की मांग को लेकर अध्यापकों ने आवाज बुलंद की।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ‘शर्मा गुट’ के बैनर तले गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी ने कहा कि शासन अगर शिक्षकों की उपेक्षा करता है तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

बोले, शिक्षक समाज की धूरी हैं, बावजूद इसके शासन उनकी उपेक्षा कर रहा है। Vittvihin Shikshak का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समाज से अज्ञानता दूर करने को वह जी-जान से काम कर रहे हैं, बावजूद उसके उन्हें उचित पैसा नहीं मिल रहा। उन्होंने शिक्षा विभाग के कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाते हुए कहा कि अधिकारी व कर्मचारी अपनी कार्यप्रणाली बदलें, क्योंकि शिक्षक परेशान होगा तो हम शांत नहीं रहेंगे। साथ ही प्रदेशभर के विद्यालयों में खाली पड़े 40 प्रतिशत पद भरने की मांग की। अध्यक्षता अनय प्रताप सिंह व संचालन अनुज पांडेय ने किया। प्रदर्शन में महेशदत्त शर्मा, कुंजबिहारी मिश्र, रमेशचंद्र शुक्ल, रामप्रकाश, शिवशंकर, श्यामबहादुर, अनिलराज मिश्र, अरविंद त्रिपाठी, पंकज तिवारी, ललित त्रिपाठी, वीरेंद्र आदि रहे। डीआइओएस कार्यालय पर हो रहे प्रदर्शन को संबोधित करते शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी। jagran

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