वित्तविहीन शिक्षकों को मिले सम्मानजनक मानदे

Vittvihin Shikshak Mandey : माध्यमिक शिक्षक संघ (वित्तविहीन) ने बुधवार को अपनी तीन सूत्रीय मांगों के संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना दिया। जिलाध्यक्ष ननकेश बाबू के नेतृत्व में शिक्षकों ने अपनी मांगों के पक्ष में निर्णय लिए जाने की बात कही।

धरने पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि शासन द्वारा वित्तविहीन विद्यालयों में शिक्षकों का मानदेय बंद करने का निर्णय अलोकतांत्रिक है। डीआइओएस के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी मांगों का ज्ञापन भेजकर इस विषय पर पुनर्विचार करने की बात कही गई। शिक्षकों ने वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय देने के लिए नियमावली बनाने की आग्रह किया।

जिलाध्यक्ष ननकेश बाबू ने कहा कि प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा में 80 प्रतिशत भागीदारी करने वाले शिक्षकों के धैर्य की परीक्षा न लें। जिला उपाध्यक्ष फूलचंद्र कनौजिया ने कहा कि संख्याबल होते हुए भी हमें अपने अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। सभा को गोविंद प्रसाद, बालेन्दु गौतम, सुरेश प्रताप सिंह, बुधराम यादव, अशोक कुमार गौड़ आदि ने संबोधित किया। शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर को अपनी तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

पढ़ें- Supreme court verdict reserved for Shiksha Mitra Case

Vittvihin Shikshak Mandey

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