यूपीटीईटी की उत्तरकुंजी में नहीं होगा बड़ा उलटफेर

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2019 में शामिल होने वाले लाखों परीक्षार्थी भले ही उत्तरकुंजी से बड़ी उम्मीद लगाए हैं, लेकिन दो दिन बाद घोषित होने वाली उत्तरकुंजी में बड़ा उलटफेर होने के संकेत नहीं हैं। कुछ गिने-चुने प्रश्नों के जवाब ही बदल सकते हैं, जिससे परीक्षा उत्तीर्ण होने के कगार पर खड़े परीक्षार्थियों को तो राहत मिल जाएगी, लेकिन अधिकांश परीक्षार्थी निराश ही होंगे। विषय विशेषज्ञों ने अधिकांश प्रश्नों के जवाब पर हुई आपत्तियों को प्रमाण के साथ खारिज किया है।

यूपी टीईटी में पूछे गए सवालों पर 17 जनवरी के मध्य रात्रि तक 2374 अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनमें 1034 की सशुल्क व 1340 ने बिना शुल्क जमा किए आपत्ति की थी। शुल्क के अभाव में 1340 आपत्तियां पहले की खारिज हो चुकी हैं, क्योंकि शासनादेश में स्पष्ट प्राविधान है कि बिना शुल्क जमा किए किसी आपत्ति पर परीक्षा संस्थान विचार नहीं करेगा। आठ जनवरी को परीक्षा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर पर कराई गई थी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के अनुसार 1034 में से 915 प्राथमिक स्तर व 119 आपत्तियां उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए हुई। प्राथमिक में 40 प्रश्नों व उच्च प्राथमिक परीक्षा के 24 प्रश्नों पर अभ्यर्थियों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी।

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इसमें विषय विशेषज्ञों ने अधिकांश आपत्तियों को प्रमाण के साथ खारिज किया है, कुछ प्रश्नों के जवाब पर सहमति बनी है। असल में, सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो व कोचिंग संस्थानों के दावों को सही मानकर अभ्यर्थियों ने आपत्ति कर दी। अब आपत्तियों का निस्तारण करके 31 जनवरी तक संशोधित उत्तरकुंजी जारी होगी।

संशोधित उत्तरकुंजी पर आपत्ति स्वीकार नहीं

परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि सशुल्क की गई आपत्तियों का परीक्षण विषय विशेषज्ञों से कराया गया है। तय समय पर संशोधित उत्तरकुंजी जारी होगी। संशोधित उत्तरकुंजी में कोई आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।

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