टीईटी 2017 परीक्षा की उत्तर कुंजी बुधवार को जारी की गई

रविवार 15 अक्टूबर को शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी 2017 होने के बाद से लाखों परीक्षार्थियों के जहान में यह विचार चल रहा है कि हमारी टीईटी का पेपर कैसा हुआ है? हमारे पास नहीं है। परीक्षा और डेवलपरारी कार्यालय इलाहाबाद ने परीक्षार्थियों की इस बेचैनी से बुधवार शाम को टीईटी की उत्तर कुंजी वेबसाइट पर जारी कर हटा दी गई। टीईटी 2017 से संबंधित प्रश्न पुस्तिकाओं के चारों ओर की उत्तरमाला जारी कर कार्यालय सचिव ने अभ्यर्थियों से 23 अक्टूबर की शाम छह बजे तक सशर्त आपत्ति भी पूछी है।

प्रदेश भर के 1634 केंद्रों पर 15 अक्टूबर को टीईटी 2017 की परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया गया था। जिसमें प्रदेश भर से कुल पंजीकृत नौ लाख 76 हजार 760 के सापेक्ष लगभग साढ़े आठ लाख अभ्यर्थी शामिल थे। यूपी टीईटी 2017 की प्रथम पाली की परीक्षा प्राथमिक स्तर के लिए जिसमें 80.50% ने भाग लिया था जबकि दूसरी पाली की परीक्षा उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए जिसमें 86.74 फीसद अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा देने के बाद से अभ्यर्थियों की बेचैनी बढ़ गई थी कि उनका पेपर आखिर कैसा हुआ। सोशल मीडिया पर फर्जी उत्तरमाला की खबर खूब चर्चा का बिषय बानी रही है जिससे लाखों अभ्यर्थियों में ऊहापोह की स्थिति रही है।

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23 अक्टूबर से डी एल एड की तीसरी काउंसलिंग: आखिरकार इस उपपोह की स्थिति को परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय उप इलाहाबाद ने बुधवार शाम को अपनी वेबसाइट पर उत्तरमाला जारी कर ख़त्म कर दिया। परीक्षा और डेवलपरारी कार्यालय उप्र इलाहाबाद ने इस उत्तरमाला के अनुसार किसी भी प्रश्न या उत्तर पर आपत्ति जताने के लिए अभ्यर्थियों कई paydayो के साथ 23 अक्टूबर की शाम छह बजे तक [email protected] के द्वारा आपत्ति पूछी गई है

शिक्षामित्र संगठन ने शिक्षक पात्रता परीक्षा को बताया कि एक परीक्षा: प्रश्न या उत्तर पर आपत्ति जताने के लिए अभ्यर्थियों के लिए शर्त रखी गई है कि उस अप्पति के लिए आपत्ति के साक्ष्य देना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों की आपत्ति केवल ई-मेल आइडी [email protected] माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी। अगर अभ्यर्थियों व्यक्तिगत पत्रचार, मोबाइल कॉल या अन्य किसी माध्यम से आपत्ति करता है तो वह आपत्तिजनक नहीं होगा।

उत्तर प्रदेश टीईटी 2017 परीक्षा में सवा लाख शिक्षामित्र हुए शामिल: अभ्यर्थियों को आपत्ति दाखिल करने के लिए आदेश संख्या, परीक्षा का स्तर, प्रश्न पुस्तिका की श्रृंखला, प्रश्न संख्या, जारी उत्तर ग्रंथ के अनुसार उत्तर, अभयर्थी की ओर माने जाने वाला उत्तर और अभ्यर्थी। उत्तर अपने माने जाने वाले उत्तर का साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा। यह जानकारी सचिव, परीक्षा निदेशालय डाॅ। सुत्ता सिंह ने दी है। संदर्भ- दैनिक जागरण

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