महिला शिक्षामित्रों ने सिर मुंडवाकर जताया विरोध

सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2017 को शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया था। तब से ही प्रदेश के शिक्षामित्र काफी परेशान में चल रहे है लेकिन उनकी परेशानी का अब तक कोई हल नहीं निकला है। शिक्षामित्र अपनी मांगों को लेकर समय समय पर धरना भी दिया मगर प्रदेश और देश की सरकार उनकी सुनने को तैयार नहीं है। समायोजन रद्द होने के बाद से शिक्षामित्रों ने प्रदेश की राजधानी से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक धरना दिया है मगर कोई हाल नहीं निकला है। शिक्षामित्रों ने प्रधानमंत्री से भी गुहार लगाई लेकिन वहां से भी निराशा हाथ लगी। उनकी मांग है कि शिक्षामित्रों को पैराटीचर बनाया जाए और जो शिक्षामित्र टीईटी उत्तीर्ण हैं। उन्हें बिना परीक्षा दिए ही नियुक्ति दी जाए।

गोमती नगर लखनऊ के ईको गार्डेन में पिछले कुछ दिनों से शिक्षामित्र आंदोलन कर रहे है। हालांकि, सरकार से शिक्षामित्रों की कई दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। सरकार द्वारा दिये जा रहे मासिक वेतन को लेकर भी शिक्षामित्र खुश नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किये जाने के बाद से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों ने लखनऊ में अपने बाल मुंडवाकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य व केंद्र की सरकार पर अपनी अनदेखी करने के आरोप लगाया है।

गोमती नगर के ईको गार्डेन में पिछले 38 दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों धरना दे रहे है। इस दौरान महिला शिक्षामित्रों ने भी सिर मुंडवा कर अपना विरोध जताया। इस प्रदर्शन में प्रदेश भर से हजारों की संख्या में शिक्षामित्र शामिल हुए। बाल मुंडवाने के पहले प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों ने अब तक जान गंवाने वाले अपने साथियों की आत्मा की शांति के लिए हवन कर उन्हें श्रद्घांजलि दी। उन्होंने मृतकों के परिवारीजनों के लिए आर्थिक सहायकता की भी मांग की। इस प्रदर्शन में प्रदेश भर से हजारों की संख्या में शिक्षामित्र शामिल हुए।

shiksha mitra protest by shaving heads

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