मार्च में ही बाजार में होंगी यूपी बोर्ड की किताबें

नया शैक्षिक सत्र अप्रैल माह में शुरू होगा लेकिन, यूपी बोर्ड के छात्र-छात्रओं के लिए किताबें मार्च के मध्य तक बाजार में उपलब्ध होंगी। बोर्ड प्रशासन ने गुरुवार को टेंडर जारी करके प्रकाशकों से ऑनलाइन निविदा मांग ली है, इसमें किताबें उपलब्ध कराने तक की समय सारिणी की जारी की गई है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की ओर से संचालित करीब 27 हजार से अधिक राजकीय, अशासकीय सहायताप्राप्त व वित्तविहीन कालेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्रओं के लिए किताबों का प्रबंध शुरू हो गया है। सत्र 2020-21 के लिए कक्षा नौ से लेकर 12 तक की किताबें मुहैया कराना है। बोर्ड सचिव की ओर से किताबों के लिए टेंडर जारी कर दिया है। उसी में हर कार्य की समय सारिणी भी दी गई है। प्रकाशक तकनीकी व वित्तीय बिड तीन फरवरी को शाम छह बजे तक ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। निविदा को तीन अलग-अलग लिफाफों में बंद करके माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय में सात फरवरी को शाम छह बजे तक देना होगा। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव के अनुसार 10 फरवरी को बोर्ड मुख्यालय पर पहले तकनीकी बिड खोली जाएंगी और उसके बाद वित्तीय बिड खोली जाएंगी।

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25 दिन में उपलब्ध करानी होंगी किताबें

बोर्ड प्रशासन किताबें उपलब्ध कराने के लिए सिर्फ 25 दिन का अवसर दे रहा है। समय सारिणी के अनुसार बोर्ड प्रशासन 20 फरवरी तक मुद्रकों से अनुबंध करके उन्हें कार्यादेश अनिवार्य रूप से देगा, जबकि बाजार में किताबें पहुंचाने की अंतिम तारीख 15 मार्च रखी गई है।

यूपी बोर्ड ने प्रकाशकों से मांगी निविदा, टेंडर किया जारी, तीन फरवरी तक ही लिए जाएंगे ऑनलाइन आवेदन

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