यूपी बोर्ड एडमिट कार्ड जारी होने के बाद मिला सुधार का एक और मौका

यूपी बोर्ड इस वर्ष से छात्र-छात्रओं के विवरण को पूरी तरह से दुरुस्त कराने की मुहिम छेड़े है। बोर्ड प्रशासन के निर्देश पर कालेजों के प्रधानाचार्य व शिक्षकों से शैक्षिक विवरण सही कराया जा चुका है, अब उसकी जांच परीक्षार्थियों के अभिभावकों से भी कराने की तैयारी है। इसमें हाईस्कूल व इंटर के परीक्षार्थियों को दिए जाने वाले प्रवेशपत्र को आधार बनाया जाएगा। अभिभावकों को देखना होगा कि उस पर दर्ज सूचनाएं सही हैं या नहीं। यदि गड़बड़ी है तो वह कालेज के माध्यम से सही करा लें इसके लिए वेबसाइट भी खोली जाएगी।

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में लाखों परीक्षार्थी शामिल हर वर्ष शामिल होते हैं। पंजीकरण से लेकर परीक्षा फार्म आदि भरवाने का जिम्मा बोर्ड ने संबंधित कालेजों को दिया है, ताकि सूचनाएं सही हों। इसके बाद भी हर वर्ष नाम, पिता-माता का नाम, जन्म तारीख व विषय आदि में तमाम खामियां सामने आती हैं। परीक्षार्थी या उनके अभिभावकों को बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से लेकर मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ती है। यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने वर्तनी में सुधार के लिए मुहिम शुरू की है।

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बोर्ड प्रशासन ने इसके लिए प्रधानाचार्य व शिक्षकों को जवाबदेह बनाकर कार्य कराया और जिला विद्यालय निरीक्षकों को टीमें गठित कराकर अभिलेख व वेबसाइट पर दर्ज सूचनाएं जांचने का आदेश दिया। यह कार्य 15 दिसंबर 2019 को पूरा हो चुका है। अब बोर्ड हाईस्कूल व इंटर के परीक्षार्थियों का प्रवेशपत्र जनवरी माह के अंत तक जारी करेगा, इसके बाद अभिभावकों से अपील की जाएगी कि वह प्रवेशपत्र पर दर्ज सूचनाएं जांच लें यदि गड़बड़ी है तो कालेज के माध्यम से उसे ठीक करा लें। इसके लिए एक बार और वेबसाइट खोली जाएगी।

प्रमाणपत्र पर होगा हंिदूी में नाम

हाईकोर्ट के आदेश पर बोर्ड प्रशासन इस वर्ष से हाईस्कूल व इंटर के अंक सहप्रमाणपत्र पर अभ्यर्थी व उनके माता-पिता का नाम अंग्रेजी के साथ हंिदूी में भी लिखेगा। इसलिए रिकॉर्ड तेजी से दुरुस्त कराए जा रहे हैं।

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