69000 प्राइमरी शिक्षक भर्ती पेपर लीक प्रकरण : छात्रों ने किया न्याय मार्च

69000 प्राइमरी शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा का पेपर परीक्षा पूर्व वाट्सएप पर वायरल होने का आरोप लगा रहे प्रतियोगी छात्रों ने सोमवार को न्याय मार्च किया। परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) दफ्तर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि संकाय परिसर स्थित आंबेडकर की प्रतिमा तक हुए मार्च के जरिए प्रतियोगियों ने छह जनवरी को हुई शिक्षक भर्ती परीक्षा निरस्त करने की मांग की।.

69000 शिक्षक भर्ती न्याय मोर्चा के नेतृत्व में छात्र इस मांग को लेकर पिछले 15 दिनों से आंदोलित हैं और पीएनपी दफ्तर पर धरना दे रहे हैं। इस मौके पर हुई सभा में सुनील मौर्य ने कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा की संशोधित उत्तर कुंजी अब 28 जनवरी तक नहीं आएगी। कहा कि हमारी लड़ाई पेपर आउट कराने वाली व्यवस्था से है। 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा रद्द होगी तो भ्रष्टाचार करने वालों का हौसला कमजोर होगा।.

उन्होंने कहा कि आंदोलन को 15 दिन हो गए लेकिन हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार 69000 प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा रद्द नहीं कर देती। न्याय मोर्चा ने 25 जनवरी को महा आंदोलन का निर्णय लिया है। मार्च में अनुराधा तिवारी, समरीन अंजुम, सुनील यादव, अलाउद्दीन अली, अनुवेश कुमार, दिनेश यादव, कोमल गुप्ता, शशिकांत वर्मा, ऋषि कुमार, शिव प्रकाश प्रजापति, मो. शाहिद, दीपक राय, कैलाश राय, अंजू शाक्य, सद्दाम, संदीप सिंह, अरविन्द यादव, अनूप सिंह, राधेश्याम, नीलम, अनिरुद्ध, मनोज यादव, प्रदीप कुमार, पूजा, गौरव सिंह, राजकुमार, राजेश यादव, विक्रम बहादुर वर्मा, नवनीत श्रीवास्तव, विकास, हंसराज, सुशांत कुमार, अरविन्द कुमार, राजेंद्र, *राहुल गौड़, दिनेश कुमार पांडेय, श्रीकृष्ण, संजय, शैलेश, हेमंत आदि उपस्थित थे।

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