एनआइसी फिलहाल अभ्यर्थियों की अभिलेख सुधार मांग से सहमत नहीं

परिषदीय विद्यालय के लिए सहायक अध्यापक भर्ती 2018 चल रही है की लिखित परीक्षा के अंकों व आवेदन के अंकन को लेकर हंगामा मचा हुआ है। दो परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बाद अब शिक्षक बनने की बारी आई तो आवेदन का अंकन आड़े आ रहा है। लिखित परीक्षा के लिए आवेदन करते वक्त अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र में गलत जानकारी का उल्लेख किया था, जैसे कि शैक्षिक अभिलेखों का अनुक्रमांक, प्राप्तांक, पूर्णाक आदि गलत भर दिया है। जिसके कारण नियुक्ति में अड़चन आ रही है और अब इन गलतियों को ठीक कराने का मौका मांग रहे है

प्रदेश भर से सहायक अध्यापक लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी बड़ी संख्या में बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय पहुंचे और पहले किये गए अंकन में सुधार की मांग कर रहे है। अफसरों ने बताया कि नियुक्ति के लिए उन्हीं रिकॉर्ड के आधार पर आवेदन लिए जा रहे हैं, फिलहाल इसे तत्काल दुरुस्त करना संभव नहीं है। इस पर अभ्यर्थी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और दिन भर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का कहना है कि ये मानवीय भूल है उसे ठीक करने का एक मौका तो देना चाहिए। और उनका कहना था कि आवेदन पत्र में पहले दर्ज मोबाइल नंबर को शपथपत्र लेकर बदल दिया जा सकता है, तब तो शैक्षिक अभिलेखों के अंकन के लिए भी एक मौका दिया जाना चाहिए। जानकारी के मुताबिक बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन करते समय आवेदन पत्र में हाईस्कूल, इंटर, बीटीसी व अन्य परीक्षाओं का अनुक्रमांक तथा उसमें मिले अंक, पूर्णाक आदि गलत भर दिए थे। इससे अब उनको परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाईकोर्ट के आदेश पर टीईटी 2017 के अभ्यर्थियों के दो अंक बढ़ाए गए थे, इसे अभ्यर्थियों ने वेबसाइट पर दर्ज कर दिया था लेकिन, बढ़े अंक का प्रमाणपत्र अब तक हासिल नहीं किया है।

प्रदेश भर से आये अभ्यर्थियों ने कहा कि विभाग से जब गलती हो जाती है, तो वो उसमें सुधार कर लेता है, इसी प्रकार अभ्यर्थियों को भी एक मौका मिलना चाहिए। उनका कहना था कि अगर इसमें सुधर नहीं किया गया तो कई हजार अभ्यर्थी चयन से बाहर हो जाएंगे क्योंकि वेबसाइट पर दर्ज अंक, अनुक्रमांक काउंसिलिंग के अभिलेख से मेल नहीं खाएंगे। जिन अभ्यर्थियों का शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा उत्तीर्ण होने बाबजूद चयन नहीं हुआ तो उनके भविष्य का क्या होगा वैसे ही नौकरी बड़ी मुश्किल से मिलती है। लखनऊ में भी धरना दिया है, वे यहां से तभी जाएंगे, जब विभाग उनकी मांग पूरी कर दे।

एनआइसी फिलहाल सहमत नहीं: एनआइसी फिलहाल अभ्यर्थियों की इस मांग से सहमत नहीं है, एनआइसी का कहना है कि वेबसाइट पर आवेदन लेने की प्रक्रिया जारी है। इसलिए अफसरों का कहना है कि आवेदन लेने की प्रक्रिया के बीच में यह सुधार किया जाना संभव नहीं है। आवेदन पूरे होने के बाद जरूर इस संबंध में विचार किया जा सकता है। गलत अंकन से तमाम अभ्यर्थियों की वरीयता मेरिट भी बदल जाएगी।

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