68500 सहायक शिक्षक भर्ती में सीबीआई से जाँच कराने की मांग

  

परिषदीय विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती में हुई गड़बड़ी की सीबीआई जाँच कराने के साथ बदलते नियम के आधार पर शिक्षक भर्ती का रिजल्ट घोषित करने की मांग को लेकर परीक्षार्थियों ने सोमवार को सचिव नियामक कार्यालय का दिनभर घेराव किया। शिक्षक भर्ती परीक्षार्थियों की भारी भीड़ और हंगामे के चलते भर्ती परीक्षा की जाँच करने आई टीम नियामक कार्यालय में प्रवेश नहीं कर सकी।

उधर, शिक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की जाँच कर रही दो सदस्यीय टीम के सदस्य सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निर्देशक डॉ. वेदपति मिश्र और बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सवेंद्र विक्रम बहादुर सिंह रविवार को ही परीक्षा नियामक कार्यालय पहुंच गए थे। उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच शुरू दी है। जाँच टीम के सदस्य सोमवार को दोबारा परीक्षा नियामक कार्यालय पहुंचे तो वहां छात्रों की भरी भीड़ देख कर वह वापस चले गए। टीम के सदस्य दिन भर गेस्ट हाउस में बैठकर परीक्षार्थियों के हटने का इंतजार करते रहे लेकिन अभ्यर्थी वह से नहीं हटे।

परीक्षा निरस्त कर जाँच की मांग: परीक्षा नियामक कार्यलय पर प्रदेश भर से पहुंचे परीक्षार्थियों ने भर्ती निरस्त कर दोबारा परीक्षा करने और पूरे घटनाक्रम की सीबीआई से जाँच कराने की मांग की है। कार्यालय का घेराव करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि जिन कॉपियों में गड़बड़ी थी उनको जला दिया गया। जब गड़बड़ी वाली कॉपी जला दी गई और कॉपियों से बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ हुई है तो कॉपियों का दुबारा मूल्यांकन करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम में हुई गड़बड़ी की स्क्रूटनी या दोबारा मूल्यांकन से विवाद खत्म होने के बजाय और बढ़ेगा। परीक्षार्थियों की मांग है कि परीक्षा को निरस्त कर दोबारा हाईकोर्ट की निगरानी में परीक्षा कराइ जाए।

30 – 33 प्रतिशत के कटऑफ पर जारी हो परिणाम : शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में असफल अभ्यर्थी बड़ी संख्या में परीक्षा नियामक कार्यालय पहुंचे। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा का विज्ञापन जारी करने के समय कटऑफ 40-45 फीसदी रखा गया था। उनका यह भी कहना है कि कुछ दिन पहले सरकार ने परीक्षा में अधिक से अधिक शिक्षामित्रों को सफल करने के उद्देश्य से मानक में बदलाव करते हुए कटऑफ 30 -33 प्रतिशत कर दिया। परीक्षा के बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद से सरकार ने अपना निर्णय वापस लेते हुए 40-45 प्रतिशत पर कटऑफ रिजल्ट जारी कर दिया। कटऑफ बढ़ा देने से बड़ी संख्या में परीक्षार्थी चयन प्रक्रिया से बहार हो गए। इन अभ्यर्थियों ने पुराने कटऑफ पर रिजल्ट जारी करने की मांग की है।

जाँच इस माह पूरी होने के असर नहीं: सहायक शिक्षक भर्ती की जाँच इन महीने पूरे होने के कोई असर नजर नहीं आ रहे है। अभ्यर्थियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच गठित कमेटी अपनी जाँच का दायरा बढ़ती जा रही है। उच्च स्तरीय कमेटी को शासन ने एक सप्ताह का समय दिया था। इसके बाद कमेटी ने अभ्यर्थियों को एक सप्ताह में शिकायत दर्ज कराने का समय दिया। मिली शिकायतों के बाद कमेटी कॉपियों में लक्ष्य खोज रही है। सक्ष्य की परख करने के बाद जाँच कमेटी अपनी रिपोर्ट शासन को देगी।

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