10 हजार की भर्ती में डीएड वाले अभ्यर्थी बनेंगे शिक्षक

इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में दस हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया सितंबर 2013 में शुरू हुई। डीएड डिग्रीधारियों को शामिल होने का मौका नहीं दिया गया। इसके विरोध में यह डिग्रीधारी हाईकोर्ट पहुंचे। इस पर कोर्ट ने डीएड वालों को भी मौका देने को कहा, लेकिन प्रदेश सरकार ने आदेश नहीं माना। ऐसे में हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल हुई। जिसके बाद शासन ने विशेष शिक्षा वालों को मौका देने का निर्देश हुआ है।

परिषद की ओर से बताया गया कि दस हजार शिक्षक भर्ती की विज्ञप्ति में 17 अक्टूबर, 2013 तक डीएड प्रशिक्षण उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से 31 जनवरी, 2017 तक परिषद कार्यालय में हार्डकॉपी में आवेदन पत्र मांगे गए थे। परिषद ने प्राप्त आवेदनों का कंप्यूटरीकरण के बाद आवेदन पत्र में भरी गई प्रविष्टियों की जांच कराई। उस समय 2575 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था और जांच में 1104 के आवेदन निरस्त कर दिए गए। शेष 1471 अभ्यर्थियों की जिलावार मेरिट बनाकर संबंधित जिलों में भेजी गई हैं। साथ ही कटऑफ मेरिट व निरस्त आवेदकों की सूची को परिषद की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है।

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परिषद सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि जो अभ्यर्थी आवेदित जिले में निर्धारित कटऑफ के ऊपर हों, वे 10 से 13 नवंबर के मध्य सुबह दस बजे अपने मूल शैक्षिक अभिलेखों व प्रमाणपत्रों और उनकी दो सेट छायाप्रतियों के साथ बीएसए कार्यालय में काउंसिलिंग के लिए पहुंचे। उन्हें तीन पासपोर्ट साइज फोटो लाना भी जरूरी होगा। काउंसिलिंग के बाद कटऑफ मेरिट के ऊपर के अभ्यर्थियों के मूल शैक्षिक अभिलेख सत्यापन के लिए बीएसए कार्यालय में जमा करा लिए जाएंगे। काउंसिलिंग में उपस्थित न होने वाले डीएड अभ्यर्थियों को 10 हजार सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित कर नियुक्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।

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