स्कूलों को ओएमआर शीट पर परीक्षा कराना बनी मुसीबत

  

UP Boardलखनऊ: यूपी बोर्ड के स्कूलों को कक्षा नौ के छात्रों की अर्द्घवार्षिक परीक्षा का एक भाग ओएमआर शीट पर करानी है। इसको लेकर समस्या खड़ी हो गई है। खासकर सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में। सहायता प्राप्त विद्यालयों को किसी प्रकार की ग्रांट नहीं मिलती और न ही वे छात्रोें से फीस वसूल सकते हैं। ऐसे में उनपर उत्तर पुस्तिका के अलावा ओएमआर शीट और प्रश्न पत्र छपवाने का भार आ गया है। इसके अलावा कई व्यवहारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ओएमआर शीट को स्कूलों को अपने स्तर से प्रबंध करना है, इसको लेकर बोर्ड की तरफ से स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं। बोर्ड ने प्रत्येक स्कूल को ओएमआर शीट की सैंपल कॉपी भिजवा दी है।

यूपी बोर्ड अगले सत्र से बोर्ड परीक्षा ओएमआर शीट पर भी करवा सकता है। इसकी तैयारी इसी सत्र से शुरू हो गई है। सभी स्कूलों को कक्षा नौ के छात्रों की परीक्षा ओएमआर शीट पर भी करवाने का निर्देश दिया गया है। 70 अंकों की परीक्षा होगी। जिसमें से 20 अंक की परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। प्रश्न बहुविकल्पीय पूछे जाएंगे। वहीं 50 अंक की परीक्षा पूर्ण की भांति वर्णात्मक होगी। 30 अंक आंतरिक मूल्यांकन कै हैं।

ओएमआर शीट पर परीक्षा कराना सरकारी और वित्तविहीन विद्यालयों के समस्या खड़ी करने लगा है। इसके लिए बोर्ड न तो ग्रांट देगा और न ही ओएमआर शीट। इसको लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी नहीं किए गए हैं। स्कूल अपने स्तर से बोर्ड के अधिकारियों व परीक्षा कार्यालय के कर्मचारियों से से सीधे संवाद कर इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

बदलनी पड़ी परीक्षा तिथि
ओएमआर शीट पर परीक्षा का निर्देश जारी होने के बाद स्कूलों को अर्द्घवार्षिक परीक्षा की तिथि में बदलाव करना पड़ रहा है। स्कूलों ने परीक्षा की तिथि बढ़ा दी है। राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य धीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि 15 नवंबर से परीक्षा करानी थी। तैयारियां शुरू कर दी गईं थीं और छात्रों को जानकारी दे दी गई थी।

दो नवंबर को बोर्ड ने ओएमआर शीट पर भी परीक्षा कराने का निर्देश दिया। जिसके बाद प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका की छपवाई रुकवानी पड़ी। फिलहाल 15 से परीक्षा शुरू नहीं होगी। अब उत्तर पुस्तिका के साथ ओएमआर शीट भी छपवाना पड़ेगा। वहीं 20 अंकों का बहुविकल्पीय प्रश्न सम्मिलित करने के लिए प्रश्न पत्र में भी बदलाव करना पड़ेगा। विषयों के शिक्षकों को इसे बदलने के निर्देश दे दिए गए हैं।

You may Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *