हजारों शिक्षकों का निरस्त होगा अंतर जिला तबादला

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के हजारों शिक्षक अंतर जिला तबादले के पहले ही चरण में बाहर हो जाएंगे। यह वे शिक्षक हैं जिन्होंने तबादले की पात्रता न होते हुए भी आवेदन किया था। बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने आवेदनों के सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया है। अब वेबसाइट पर निरस्त आवेदनों की संख्या सामने आएगी।

परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की अंतर जिला तबादले की प्रक्रिया दिसंबर माह से चल रही है। शिक्षकों ने आवेदनों में किस तरह से गड़बड़ियां की हैं इसका संकेत पंजीकरण और आवेदन की संख्या में आए फासले से ही मिल चुका है। ज्ञात हो कि तबादले के लिए 1,04317 शिक्षकों ने पंजीकरण कराया।

वहीं, अंतिम रूप से आवेदन 70,838 ने ही किया है। करीब 30 हजार से अधिक शिक्षकों ने गलत विवरण से पंजीकरण करा लिया या फिर कई बार पंजीकरण किया है, जबकि इसकी जरूरत ही नहीं थी। परिषद ने शिक्षकों को आवेदन में संशोधन तक का मुहैया कराया है। ऐसे में पंजीकरण व अंतिम आवेदन का आंकड़ा करीब होना चाहिए था।

जनवरी माह के अंतिम सप्ताह से आवेदनों का जिला स्तर पर सत्यापन का कार्य बेसिक शिक्षा अधिकारी कर रहे थे। इसकी अंतिम तारीख पहले पांच फरवरी थी, जिन जिलों में अधिक आवेदन थे वहां के कई बीएसए ने सत्यापन की तारीख बढ़ाने की मांग की। परिषद सचिव ने सत्यापन का कार्य बुधवार तक पूरा करने का निर्देश दिया था। यह काम पूरा हो गया है, अब निरस्त आवेदनों की सूची का प्रकाशन होगा। इसे बीएसए कार्यालय और परिषद मुख्यालय पर भी चस्पा किया जाएगा, शासनादेश में आवेदन निरस्त करने का कारण भी स्पष्ट करने को कहा गया है।

एक रिक्त पद पर दो दावेदार

अंतर जिला तबादले के लिए करीब 43 हजार से अधिक पद जिलों में रिक्त हैं, इसके सापेक्ष 70 हजार आवेदन यानी एक रिक्त पद के लिए करीब दो दावेदार हैं। अफसरों का कहना है कि शासनादेश में तबादले के लिए जिस तरह के प्रावधान हैं उसमें तबादला पाने वालों की संख्या 20 हजार के इर्द-गिर्द ही होने की उम्मीद है।

सचिव का निर्देश सिफारिश न करें

परिषद सचिव रूबी सिंह ने तबादलों के लिए हो रही सिफारिशों पर कार्यालय पर नोटिस जारी की है, यहां इसके लिए शिक्षक व उनके करीबी संपर्क न करें। तबादले शासनादेश के अनुरूप ही होंगे।

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