इविवि में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी-राज्य मंत्री

देश में जितने भी विश्वविद्यालय सौ साल से पुराने हैं उनकी साख व शिक्षण व्यवस्था बनाए रखना हमारे लिए अहम है। नई शिक्षा नीति आ गई है और जल्द ही उसे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लागू किया जाएगा। यह बातें केन्द्रीय शिक्षा, संचार तथा इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री संजय शामराव धोत्रे ने कहीं। गुरुवार को प्रयागराज दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ने इविवि के नार्थ हॉल में शिक्षकों संग विश्वविद्यालय में हो रहे कार्यों की समीक्षा की।

समीक्षा बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने स्वीकार किया कि इविवि में छात्र-शिक्षक अनुपात संतोषजनक नहीं है। साथ ही जोर देकर कहा कि इविवि में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए जल्द ही दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। इविवि से निकली नामचीन हस्तियों को याद करते हुए उम्मीद जतायी कि छात्र यहां की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

इविवि के पूर्व कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू पर लगे आरोप और चल रही जांच के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो हुआ वह इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के लिए अच्छा नहीं था। जांच प्रक्रिया चल रही है। इंतजार करिए। इविवि की शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था पर संतोष जताते हुए संजय धोत्रे ने उम्मीद जतायी कि इविवि की वर्तमान कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय आगे बढ़ेगा। सीनेट हॉल में लगी घड़ी की बदहाली पर उन्होंने कहा कि यह हमारी विरासत है और इस पुरातात्विक विरासत को पहचान बनाए रखने के लिए भी कार्य किया जा रहा है।

यह भी पढ़ेंः  छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने शेष बची परीक्षाओं का शेड्यूल जारी

शोध ऐसा हो जो धरातल पर दिखे: मंत्री
देश में सात माह के भीतर करोना वायरस का टीका (वैक्सीन) तैयार कर लेना प्रदर्शित करता है कि मोदी सरकार परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कितनी सजग है। जो प्रोजेक्ट पिछले कई दशकों में लम्बे समय तक लटके रहते थे, अब समय पर पूरे हो रहे हैं। यह बात केन्द्रीय मंत्री संजय शामराव धोत्रे ने ट्रिपलआईटी में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कही।

राज्यमंत्री ने ट्रिपलआईटी में तैयार ड्रोन की तारीफ करते हुए उम्मीद जतायी कि कृषि क्षेत्र में इसका अच्छा उपयोग हो सकेगा। इस तरह के ड्रोन से आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी। संस्थान के संक्षिप्त 20 वर्ष की उपलब्धियों की प्रशंसा की और नयी शिक्षा नीति के कई पहलुओं को पहले ही क्रियान्वित करने के लिए पीठ ठोंकी। सभागार में उपस्थित समस्त शिक्षकों, अधिकारियों से संस्थान की रैकिंग सुधारने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने डॉ. मुरली मनोहर जोशी द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किये गये कार्यों की चर्चा की। संजय धात्रे ने संस्थान द्वारा तैयार प्रवेश प्रक्रिया संबंधित प्रज्ञानम साफ्टवेयर को राष्ट्र के नाम समर्पित किया एवं छात्र हैंडबुक का विमोचन किया।

यह भी पढ़ेंः  शिक्षक भर्ती 2020 का संशोधित भर्ती विज्ञापन दिसंबर के अंत तक

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि शोध को जमीनी धरातल में दिखने के लिए उसे उत्पाद में लाना होगा। आईटी के प्रयोग से धन की बचत के साथ-साथ भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के सूचना प्रौद्यौगिकी मंत्री प्रमोद महाजन ने कहा था कि मोबाइल हर आम आदमी के पास होगा जो उस समय सपना लगता था। वही आज देश के हर व्यक्ति के पास मोबाइल व स्मार्ट फोन है।

ट्रिपलआईटी के निदेशक प्रो. पी.नागभूषण ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और संस्थान में हो रहे शोधकार्यों से उन्हें अवगत कराया। कार्यवाहक कुलसचिव डॉ. विजयश्री तिवारी ने संस्थान के बीस वर्ष की यात्रा पर विस्तृत प्रकाश डाला। प्रो. शेखर वर्मा ने संस्थान में उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं की जानकारी दी। प्रो. टी लिहाडी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। डॉ. माधवेन्द्र मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

यह भी पढ़ेंः  डिजिटल सिग्नेचर बनवाने के सम्बंधित शासनादेश