टीजीटी-पीजीटी वर्ष 2016 के आठ विषयों के आवेदन ही होंगे मान्य

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का फैसला पलटने की तैयारी है। चयन बोर्ड ने तीन माह पूर्व वर्ष 2016 प्रवक्ता व स्नातक शिक्षक भर्ती के आठ विषयों के पद निरस्त करके लिखित परीक्षा भी टाल दी थी। इस से पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी अधर में फंस गए।  कुछ लोगों को छोड़कर कई अभ्यर्थी दूसरे विषय में आवेदन नहीं कर सके हैं। इससे चयन बोर्ड और प्रदेश सरकार की भी किरकिरी हो रही है। शासन निरस्त किए गए विषयों के आवेदन को मान्य करते हुए इम्तिहान कराने का निर्देश जल्द जारी कर सकता है।

चयन बोर्ड ने 12 जुलाई, 2018 को वर्ष 2016 के विज्ञापन से आठ विषयों के पद निरस्त कर दिए थे। उसके बाद से हजारों अभ्यर्थी लगातार आंदोलन-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मुद्दे पर शासन ने यूपी बोर्ड की सचिव से प्रस्ताव मांगा। बोर्ड सचिव ने बुधवार को शासन को प्रस्ताव सौंपा है। इसमें कहा गया है कि प्रशिक्षित स्नातक जीव विज्ञान आदि के अभ्यर्थी दूसरे किसी विषय के लिए अर्ह नहीं है।

जीव विज्ञान भले ही माध्यमिक कालेजों में विषय के रूप में नहीं है लेकिन, उसके अंश पाठ्यक्रम में शामिल हैं। इसलिए 2016 के जिन पदों के लिए आवेदन हुआ है उसे मान्य करते हुए परीक्षा कराई जानी चाहिए। आगे विज्ञान विषय की अर्हता बदली जा सकती है। अब शासन जल्द ही चयन बोर्ड को इस संबंध में निर्देश जारी करेगा।

इन विषयों के आवेदन हुए थे निरस्त : प्रशिक्षित स्नातक जीव विज्ञान, संगीत, काष्ठ शिल्प, पुस्तक कला, टंकण, आशुलिपिक टंकण, प्रवक्ता वनस्पति विज्ञान व संगीत।’

दोबारा आवेदन प्रक्रिया भी पड़ी खटाई में : चयन बोर्ड ने निरस्त हुए विषयों के अभ्यर्थियों से सितंबर व अक्टूबर माह में ऑनलाइन दूसरे विषयों में आवेदन मांगा था, हालांकि उसमें बहुत कम संख्या में आवेदन हुए हैं। शासन के निर्णय से यह कवायद भी खटाई में पड़ना तय है।

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