टीजीटी 2016 परीक्षा देने पहुंचे 55 फीसद अभ्यर्थी

उत्तर प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक कॉलेज में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक भर्ती यानि टीजीटी 2016 की लिखित परीक्षा का आयोजन शनिवार को किया गया था। लिखित परीक्षा की दोनों पालियों में करीब 55% परीक्षार्थी पहुंचे, लगभग 45 फीसद ने परीक्षा छोड़ दी है। चयन बोर्ड ने दवा किया है कि लिखित परीक्षा नकलविहीन और शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन हुई। हालांकि एक नकलची प्रयागराज जिले में पकड़ा गया है। लिखित परीक्षा 12 मंडल मुख्यालयों पर हुई।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड इस परीक्षा को दो साल से करने की कोशिश कर रहा है। चयन बोर्ड टीजीटी 2016 की लिखित परीक्षा कराने में सफल हुआ है। प्रदेश के 12 मंडल मुख्यालयों आगरा, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज व वाराणसी में शनिवार को भी दो पालियों में हुई।

प्रथम पाली : सुबह की पाली 9.30 से 11.30 बजे तक विज्ञान, गृह विज्ञान, कला व बांग्ला विषय की परीक्षा हुई। इसके लिए एक लाख 50 हजार 801 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, उनके लिए 300 केंद्र तय हुए थे।

दूसरी पाली : दूसरी पाली 2.30 से 4.30 बजे तक संस्कृत, अंग्रेजी, वाणिज्य व सिलाई विषय का इम्तिहान हुआ। इसके लिए एक लाख 33 हजार 456 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, उनके लिए 267 केंद्र तय थे।

उनमें से केवल 45 फीसद अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। वहीं, प्रयागराज जिले में प्रथम पाली के लिए 30141 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, उनमें से 17738 ही पहुंचे। इसी पाली में आर्य कन्या कालेज में एक महिला अभ्यर्थी को नकल करते पकड़ा गया है, जबकि दूसरी पाली में 19740 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, उनमें से 12715 ही परीक्षा देने पहुंचे। बड़े पैमाने पर परीक्षा छोड़ने का कारण तमाम विवाद हैं और अभ्यर्थियों ने दो साल पहले आवेदन किया था, इस दौरान कई का चयन दूसरी जगह हो गया है।

अभ्यर्थी बताते है कि प्रश्नपत्र औसत रहा है, प्रश्नपत्र को हल करने में कोई मुशिकल नहीं हुई माना जा रहा है कि इन विषयों की मेरिट काफी अधिक होगी क्योंकि ऐसा ही अधिकांश का मत है। जिला प्रशासन व बोर्ड की ओर से तय पर्यवेक्षकों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। शाम को ट्रेजरी में कॉपी जमा करा दी गई। दूसरे दिन की परीक्षा पूरी होने पर बोर्ड अफसरों ने राहत की सांस ली है।

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