TET वैलिडिटी मामले में 23 अक्टूबर को होगी सुनवाई

● 23 अक्टूबर TET वैलिडिटी* मामले की सुनवाई होगी। इस मामले में हमारी संवैधानिक संस्था यानी NCTE जिसके पास शिक्षकों की योग्यता तय करने और नियम बनाने का अधिकार है वो अपने काउंटर में परसुइंग की इलाहाबाद उच्च न्यायालय की डबल बेंच द्वारा की गई व्याख्या को सही और नीतिसंगत मानते हुए केवल उन्हें योग्य मान रही है जो अंतिम वर्ष के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे हों या दे चुके हों और उनका परीक्षा परिणाम TET परीक्षा परिणाम से पहले आ चुका हो।

● काउंटर में NCTE नें यह भी लिखा है कि प्रभावितों की अधिक संख्या के कारण गुणवक्ता से समझौता नही किया जा सकता। और काउंटर में हर पैराग्राफ के अंत मे यही लिखा है। *Slp deserve to be dismissed.* CONTENTS of the said para was wrong and denied. यानी हमारे यानी बचाव पक्ष द्वारा SLP में लिखी गयी सभी दलीलों को NCTE ने एक सिरे से खारिज कर दिया है। जिसकी जानकारी आपको अब तक न हो तो व्यक्तिगत रूप से प्राप्त कर सकते हैं।

*बेसिक_शिक्षा_परिषद* ने भले हमारे पक्ष में काउंटर लगाया है लेकिन वह NCTE की अधीनस्थ संस्था है। स्टेट से आप पैरवी की अपेक्षा नहीं कर सकते क्योंकि वह तटस्थ है और निर्णय की प्रतीक्षा में है।

निष्कर्ष : आप सबको इस मामले को पूरी गंभीरता से लेना है और अपनी टीम को आर्थिक सहयोग सुनिश्चित करना है। बिना किस दबाव, व विवाद के क्योंकि नौकरी ना रहने की पीड़ा क्या होगी समझा जा सकता है।जो इस मामले से प्रभावित नही है सायद वो क्या समझ सकेंगे इस समय Ncte के जवाब को।

आप सुरक्षित हैं या नहीं सुरक्षित हैं आप किसी और को सपोर्ट कर रहे हैं या नहीं हमें इससे नहीं मतलब। हम सिर्फ इतना जानते हैं कि हम आपके लिए आपके साथ अपनी नौकरी के लिए अब तक संघर्ष करते आये हैं और आज हम ऐसे मोड़ पर हैं जहाँ हमारी नौकरी की बैधता सुप्रीम कोर्ट तय करेगी। इसका मतलब इससे ऊपर अन्य कोई कोर्ट नहीं है और यही हमारा अंतिम मौका और विकल्प है। – अशोक द्विवेदी इलाहाबाद

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