TET बिना निजी स्कूलों में भी नहीं बनेंगे शिक्षक

नई दिल्ली: Teacher’s Eligibility Test (TET) पास किए बगैर अब निजी स्कूलों में भी शिक्षक बनना संभव नहीं रह जाएगा। सरकार ने निजी स्कूलों के शिक्षकों के लिए भी TET को अनिवार्य कर दिया है। सभी राज्य सरकारों को इसे सख्ती से लागू कराने का निर्देश दिया है। वर्तमान में सिर्फ सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए ही TET अनिवार्य है।

केंद्र सरकार ने यह निर्देश ऐसे समय में दिया है जब देश भर के स्कूलों (सरकारी और निजी दोनों) की शैक्षणिक दशा सुधारने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। ऐसे में सरकार का पहला फोकस शिक्षकों की योग्यता को दुरुस्त करना है। Ministry of Human Resource Development ने National Council of Teachers Education (NCTE) की सिफारिश पर यह निर्देश दिया है। RTE (Right To Education) के प्रावधानों के तहत निजी स्कूलों के शिक्षकों के लिए भी TET लागू करने की व्यवस्था है। NCTE के मुताबिक, देश में सरकारी स्कूलों की संख्या करीब 15.20 लाख है तो करीब 3.40 लाख निजी स्कूल हैं। सरकारी स्कूलों में जब TET अनिवार्य किया गया है तो निजी स्कूलों को भी इसके दायरे में लाना जरूरी है। क्योंकि इसके बिना शिक्षा सुधार की दिशा में आगे बढ़ पाना मुश्किल होगा।

मानव संसाधन विकास मंत्रलय के नए निर्देश के तहत राज्यों को सीबीएसई और राज्य सरकार के अधीनस्थ बोर्डो द्वारा संचालित सभी स्कूलों में यह व्यवस्था लागू करनी होगी। एनसीटीई ने यह सारी कवायद उस समय शुरू की है, जब 90 फीसदी से ज्यादा बी. एड. की शिक्षा देने वाले कॉलेजों के पास कोई संसाधन नहीं है। एनसीटीई ने पिछले दिनों मंत्रलय के सामने इस मुद्दे को भी रखा था। मानव संसाधन विकास मंत्रलय ने राज्यों को दिया सख्ती का निर्देश अभी सिर्फ सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए है अनिवार्य

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TET Mandatory

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