एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों को अब टीईटी पास करना अनिवार्य

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सहायक अध्यायक पद पर तैनात शिक्षामित्रों का संयोजन रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद प्रदेशभर में एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों को अब टीईटी पास करना अनिवार्य है। अब सुप्रीम कोर्ट ने सहायक अध्यायक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य कर दिया है। शिक्षक पात्रता परीक्षा को पास करने के लिए शिक्षामित्रों ने कोचिंग सेंटर का रुख कर लिया है। सभी शहर में सभी कोचिंग सेंटर इस वक्त शिक्षा मित्रों की बैच चल रहे हैं। शिक्षा मित्रों की भीड़ को देखते सभी कोचिंग सेंटर ने भी टीईटी की फीस भी बड़ा दी है। शिक्षामित्रों समायोजन रद्द होने का फायदा शहर के कोचिंग सेंटर भी उठा रहे है उन्होंने दो महीने की तैयारी के लिए छात्रों से अब सात से दस हजार रुपये बसूल कर रहे है। इस कोचिंग से कितना फायदा होगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

आदेश के अनुसार शिक्षामित्रों के पास इसके लिए केवल दो मौके हैं। आदेशों के बाद योगी सरकार अक्तूबर में पहली बार टीईटी परीक्षा कराने जा रही है। इसमें प्रदेश के सभी शिक्षामित्रों के शामिल होने की उम्मीद है। चूंकि शिक्षामित्रों के पास दो मौके हैं और उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को दिसंबर में प्रस्तावित सहायक अध्यापक की भर्ती में मौका मिलना है ऐसे में कोचिंग इंस्टीट्यूट मे कक्षाओं की रौनक बढ़ गई है। जिसे शहर के कोचिंग इंस्टीट्यूट की कमाई भी बाद गई है।

शहर के सभी कोचिंग इंस्टीट्यूट में इस वक्त टीईटी छात्रों की भरमर है। कोचिंग इंस्टीट्यूट में इस वक्त सुबह से शाम सात बजे तक लगातार बैच चल रहे हैं। इन सभी में 80 फीसदी छात्र शिक्षा मित्र हैं। टीईटी के दबाव को देखते हुए कोचिंग इंस्टीट्यूट की फीस में भी पिछले साल की तुलना में करीब दुगुने की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल टीईटी की कोचिंग के लिए तीन से चार हजार रुपये तक फीस ली जा रही थी जबकि इस वर्ष यह सात से दस हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। सार्थक एकेडमी के निदेशक विनोद यादव के अनुसार जो छात्र इस वक्त टीईटी की तैयारी करने आ रहे हैं उसमें सबसे ज्यादा शिक्षामित्र हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.