झारखंड में अब नई नियमावली के आधार पर शिक्षकों की होगी नियुक्ति

झारखंड में अब नई नियमावली के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी। विधानसभा में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भानु प्रताप शाही के एक सवाल का जवाब देते हुए पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि पिछली सरकार की नियमावली की खामियों के कारण 6०० से ज्यादा मामले न्यायालय में लंबित हैं। इसके समाधान के लिए सरकार नई नियमावली बना रही है। इसी के आधार पर अब शिक्षकों की नियुक्ति होगी।

शाही ने सरकार से शिक्षकों के रिक्त पदों पर सीधी नियुक्ति की मांग करते हुए कहा कि इसमें विपक्ष सहयोग करेगा। जवाब में श्री ठाकुर ने कहा कि सब जानते हैं कि पूर्ववती सरकार में राज्य के पारा शिक्षक और उत्तीर्ण पारा शिक्षकों का क्या हश्र हुआ था। उन्होंने कहा कि जेटेट बस एक पात्रता परीक्षा है। केवल इसके आधार पर नियुक्ति नहीं होती है। इसके लिए नियमावली तैयार की जा रही है। यह प्रक्रियाधीन है। इसे बन जाने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी।

सरकार की ओर से सदन में जानकारी दी गयी कि राज्य में प्रथामिक और उच्च विद्यालय में 39 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इनमें 5934 शिक्षक के पद राज्य के उच्च विद्यालयों में रिक्त हैं। वहीं, 33853 शिक्षक के पद पहली से आठवीं कक्षा के स्कूलों में रिक्त हैं। राज्य के 1336 अपग्रेडेड उच्च विद्यालयों में जहां एक में भी प्रधानाध्यापक नहीं हैं, वहीं 95 फीसद मध्य विद्यालय भी प्रधानाध्यापक विहीन हैं।

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