शिक्षक ओपेन स्कूल के माध्यम से शिक्षा दें – CM योगी

वाराणसी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना काल में हम बच्चों को शिक्षा से कैसे जोड़े, इसके लिए तकनीक की जरूरत है। जिनके पास स्मार्टफोन, टैबलेट नहीं है, वे बच्चे भी शिक्षा से जुड़े रहे, इसके लिए सहज राह खोजनी होगी। शिक्षक ओपेन स्कूल के माध्यम से शिक्षा दें। पुरातन गुरुकुल परंपरा भी यही रही है। आज वैसी ही शिक्षण व्यवस्था की जरूरत है। कोरोना की चुनौतियों का सामना करने के लिए काशी का शिक्षक समाज आगे आए। यहां का विद्वत समाज हमेशा समाज को सकारात्मक ऊर्जा देता रहा है। काशी की यही ऊर्जा देश को ऊर्जान्वित करेगी।

मुख्यमंत्री रविवार को बीएचयू शिक्षा संकाय के कमच्छा स्थित चाणक्य सभागार में भाजपा की ओर से आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इसमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 11 शिक्षकों को सम्मानित किया। कहा-काशी से डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का गहरा संबंध है। उनका योगदान अविस्मरणीय है, जिसे बीएचयू परिवार अब भी मानता है। काशी को जानने व देखने की सदा से उत्सुकता रही है। लोग इसका भौतिक स्वरूप नहीं देख पाते थे। पिछले सात वर्षों से काशी अपने पुरातन स्वरूप को बरकरार रखते हुए नए कलेवर में निखरती जा रही है। काशी जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप विकास की ओर बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों के साथ हमें विकास करने का सौभाग्य मिला है। काशी के साथ ही अन्य स्थलों पर भी ऐसा ही विकास हो रहा है।

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योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक नेतृत्व था जिसने सोमनाथ के निर्माण का विरोध किया, तो दूसरा नेतृत्व यह है जो अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण करा रहा है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कारिडोर पूर्ण होने को है। सीएम ने कहा कि पीएम मोदी ने स्वच्छ काशी की परिकल्पना को साकार कर दिखाया। मां ¨वध्यवासिनी कारिडोर योजना, मथुरा आदि में जो योजनाएं लागू हो रही हैं, उससे भारत की प्रतिष्ठा पूरी दुनिया में बढ़ी है।