शिक्षकों ने मंगलवार को सामूहिक अवकाश पर रहकर मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन किया

प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक मंगलवार को सामूहिक अवकाश पर रहकर मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन किया। जिला पंचायत परिसर में जुटे शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और अपनी आवाज बुलंद की। अंत में सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम भानुचंद्र गोस्वामी को सौंपा।

उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले ‘शिक्षक सम्मान बचाओ सेवा बचाओ संघर्ष’ के पांचवें चरण में मंगलवार को शिक्षक 11 बजे जिला पंचायत परिसर में एकत्र हुए और वहां से कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। इससे जिला पंचायत से लेकर कलेक्ट्रेट तक शिक्षकों का विशाल हुजूम दिखाई दिया। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने सभा में कहा कि हमारा काम राजनीति करना नहीं है, लेकिन जो भी सरकार शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और सम्मान के साथ खिलवाड़ करेगी उन्हें चैन से बैठने नहीं दिया जाएगा। शिक्षक उसका विरोध करेगा। कहा कि पुरानी पेंशन, निशुल्क चिकित्सा सुविधा, चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 21 के शब्दों को राज्य शिक्षा सेवा आयोग की धारा 18 में शब्द जोड़े जाने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ आदि अनेक घटक शामिल थे। प्रदर्शन में जिले के लगभग 10 हजार शिक्षकों के भाग लेने का दावा है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र श्रीवास्तव, माध्यमिक शिक्षा संघ के जिलाध्यक्ष राम प्रकाश पांडे , जिलामंत्री अनुज कुमार पांडेय, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री शिव बहादुर यादव, वरिष्ठ नेता महेश दत्त शर्मा, प्रदेशीय मंत्री कुंज बिहारी मिश्र, मंडल अध्यक्ष रमेश चंद्र शुक्ला, मंडलीय मंत्री जगदीश प्रसाद, अनय प्रताप सिंह, डा. वसीम अहमद सिद्दीकी, कोषाध्यक्ष शिव शंकर यादव, डा. जयप्रकाश शर्मा, एबदुर रहमान, र¨वद्र त्रिपाठी, डा. सुयोग पांडे आदि शामिल थे।

शिक्षामित्रों ने खोले स्कूल, बच्चों को पढ़ाया : शिक्षकों के कार्य बहिष्कार के बावजूद शिक्षामित्रों ने परिषदीय स्कूलों में अध्यापन का कार्य किया। शिक्षामित्रों का दावा है कि जिले के शत-प्रतिशत स्कूल खुले रहे। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की ओर से धरने में शामिल न होने और विद्यालय खोलने संबंधी पत्र शासन को पहले ही दिया जा चुका था। एसोसिएशन के शारदा शुक्ला एवं जिलाध्यक्ष अश्वनी त्रिपाठी ने इस एकता के लिए जिले के शिक्षामित्रों के प्रति आभार जताया।

  • पुरानी पेंशन बहाल की जाए
  • शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाए
  • महिला शिक्षकों का शोषण बंद हो
  • प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक और शिक्षक उपलब्ध कराए जाएं
  • रिक्त पदों के सापेक्ष तत्काल नियुक्ति की जाए
  • व्यावसायिक और कंप्यूटर शिक्षकों को नियमित किया जाए
  • महिला विद्यालयों से पुरुष प्रबंधकों का विद्यालय समय में प्रवेश वर्जित हो

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