शिक्षकों पर है भारत को विश्वगुरु बनाने की जिम्मेदारी

गोरखपुर : शिक्षक राष्ट्र का निर्माता व पथ प्रदर्शक होता है। शिक्षा के माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों को संस्कारवान, चरित्रवान बनाते हैं, जो आगे चलकर आदर्श नागरिक बनते हैं और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका अदा करते हैं। आज हमारे शिक्षकों के कंधों पर भारत को पुन: विश्व गुरु बनाने की जिम्मेदारी है।

यह बातें बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा.सतीश चंद्र द्विवेदी ने कही। वह गुरुवार को बेसिक शिक्षा विभाग गोरखपुर के तत्वावधान में योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित राज्य स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता सेमिनार तथा एडूलीडर्स 2021 सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से हमारे शिक्षकों के अंदर अंतर्निहित शक्तियों का विकास होता है। आज यहां जो भी शिक्षक सम्मानित हो रहे हैं निश्चित ही उन्होंने अपने क्षेत्र में कोई न कोई विशेष कार्य किया होगा। इसके पूर्व प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए नगर विधायक डा.राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि आप सभी शिक्षकों ने अपने अनुभव व नवाचारों से अपने साथियों को बहुत कुछ नया सिखाया और खुद भी सीखा है। नवाचारों से ड्रापआउट बच्चों की संख्या में न सिर्फ कमी आई है बल्कि बच्चों के शैक्षिक स्तर को ऊंचा किया है। ऐसे ही आप नवाचारों से आने वाली पीढ़ी का विकास करें। अपर शिक्षा निदेशक बेसिक ललिता प्रदीप ने कहा कि एक अच्छा शिक्षक जो ज्ञान अपने बच्चों को देता है वह पूरे जीवन उसके साथ चलता है। समारोह में प्रदेश के सभी जनपदों से आए उत्कृष्ट शिक्षकों ने अपने-अपने अनुभवों को साझा किया तथा आडियो-वीडियो के माध्यम से अपने-अपने नवाचारों को प्रदर्शित किया। संचालन ऋचा पांडेय ने किया। एडी बेसिक डा.एसपी त्रिपाठी, डायट प्राचार्य डा. भूपेंद्र कुमार सिंह, बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह, जिला समन्वय विवेक जायसवाल, रमेश चंद्र, आशुतोष आनंद अवस्थी, इशरत अली, मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।

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