सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन पर उतरे शिक्षक

PRADARSHAN इटावा। बेसिक शिक्षकों की 21 सूत्री मांगों के समर्थन में प्राथमिक शिक्षक संघ 14 सितंबर को सभी बीआरसी पर धरना देगा। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर धरने को सफल बनाने के लिए जिलाध्यक्ष विनोद यादव ने जिला कार्यसमिति की शुक्रवार को बैठक की। जिसमें सभी ब्लाकों के अध्यक्ष एवं मंत्री उपस्थित रहे।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं, रसोइयों एवं पेंशनर्स अपनी मांगों को न माने जाने से निराश हैं। अब अपनी मांगों को स्वीकार कराने के लिए आंदोलन की राह पर चलने को मजबूर हैं।

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सरकार ने प्रदेश में बेसिक शिक्षकों की पुरानी पेंशन और सवा लाख विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिए है। शिक्षमित्रों को शिक्षक के पद से हटाकर शिक्षामित्र बना दिया है।
अनुदेशकों का मानदेय 17000 रुपये से घटाकर 7000 रुपये कर दिया। विद्यालय में विशेष शिक्षक एवं रसोइया आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कोषाध्यक्ष बृजेश यादव ने कहा कि सरकार शिक्षकों के हितों की अनदेखी कर रही है।
अब हम आर पार की लड़ाई लड़ेंगे। बैठक में उपेंद्र त्रिपाठी, उपेंद्र वर्मा, राजदा खातून ने 14 सितंबर के धरने को सफल बनाने के लिए अपने विचार रखे। जिला कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से जौली शाक्य को महिला मोर्चा का जिला संयोजक एवं मंजू भदौरिया को सह संयोजक नामित किया गया।
बैठक में मुकेश यादव, कौशल किशोर तिवारी, आफताब हुसैन, गोविंद सिंह चौहान, जितेंद्र यादव, विपिन मिश्रा, पवन यादव, प्रद्युम्न यादव, रविंद्र यादव, शरद प्रभात आदि रहे।

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