नौ सूत्रीय मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षकों ने किया कार्य बहिष्कार

  

प्रयागराज : नौ सूत्रीय मांगों को लेकर सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार किया। सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट में धरना भी दिया।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) की ओर से कलेक्ट्रेट में आयोजित धरने में शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने कहा कि सरकार टास्क फोर्स गठित कर माध्यमिक विद्यालयों के मान्य एवं स्वीकृत पदों को समाप्त करना चाहती है। यही नहीं शिक्षा सेवा अधिकरण के जरिए शिक्षकों को मौलिक अधिकार से वंचित करने, चयन बोर्ड को समाप्त कर नया शिक्षा सेवा आयोग गठित करके शिक्षकों की भर्ती रोकने व शिक्षकों की सेवा सुरक्षा से खिलवाड़ करने की साजिश कर रही है। इसे प्रदेश का शिक्षक बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के पहले बीजेपी के बड़े नेता अपने लेटर पैड पर पुरानी पेंशन को लागू किए जाने की सिफारिश कर रहे थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद पूरी निर्ममता से उसे नकार रहे हैं।

आरोप लगाया गया कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को एकल स्थानांतरण और एरियर भुगतान में प्रबंधकों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा लूटा जा रहा है। सरकार शिक्षकों के स्थानांतरण और एरियर भुगतान को भी मौखिक निर्देश देकर रोक रही है। एक फरवरी-2020 से पहले स्थानांतरण नियम को सरल करने और शिक्षा निदेशालय में लंबित सभी अवशेषों के तत्काल भुगतान की मांग की गई। जिलाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार शुक्ला और जिलामंत्री डा. देवी शरण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर डॉ.अरुण कुमार चौबे, राम विजय सिंह, आद्या प्रसाद मिश्र, महेंद्र जैन, नीलरतन चौधरी, विनोद सिंह, वीरेंद्र सिंह, मउद आलम, विजय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।