शिक्षक भर्ती के नियम में बदलाव कर पैदा कर विवाद की जड़

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के नियमों में बदलाव करके अधिकारियों ने बड़े विवाद की नींव रख दी है। 6 जनवरी को लिखित परीक्षा के एक दिन बाद कटऑफ जारी करने के कारण शिक्षा मित्र और बीटीसी – बीएड अभ्यर्थी दो पलों में बंट गए है। एक दिसम्बर को भर्ती परीक्षा के लिए जारी आदेश में कोई पासिंग अंक नहीं रखा था जिसका सीधा फायदा शिक्षामित्रों को हो रहा था।

जबकि सरकार ने 7 जनवरी को कटऑफ लागू करते हुए सामन्य -ओबीसी के लिए 97 और एससी-एसटी के लिए 90 पासिंग मार्क्स कर दिए। कटऑफ लागू होने के बाद सबसे ज़्यदा नुकसान शिक्षामित्रों का हो रहा था क्योकि परीक्षा में इतने अधिक अंक उनके लिए ला पाना कठिन थे। लिहाजा शिक्षामित्रों ने कटऑफ के खिलाफ हाई कोर्ट याचिकाएं दाखिल कर दी। बीटीसी – बीएड अभ्यर्थी कटऑफ के पक्ष में है क्योकि परीक्षा में अच्छे अंक मिलने के प्रति वे आश्वस्त हैं।

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हाई कोर्ट ने मार्च 29 के अपने आदेश में 40-45 कटऑफ लागू करने को कहा क्योकि इससे पहले 68500 सहायक शिक्षक भर्ती में ही कटऑफ था। लेकिन सरकार इस आदेश के खिलाफ अपील करने का मन बना रही है वर्तमान में लम्बी कानूनी लड़ाई की जमीन तैयार होती दिखाई पद रही है। क्योकि 6900 शिक्षक भर्ती परीक्षा में सम्मिलित किसी हालत में कटऑफ लागू नहीं होने देना चाहते और बीटीसी – बीएड अभ्यर्थी बिना कटऑफ भर्ती नहीं होने देने की मूड में है।