परीक्षा और परिणाम की तरह हुई नियुक्ति, कॉपी व वेतन नहीं दिया

  

बेसिक शिक्षा के अफसर परीक्षा कराकर उसका परिणाम जारी कराने में ही सारी ऊर्जा लगा रहे हैं। जो अभ्यर्थी नियुक्ति पा चुके हैं या फिर चयनित होने वालों की कतार में हैं, उनकी सुधि नहीं ली जा रही। इसीलिए नियुक्ति, स्कैन कॉपी और वेतन पाने का पांच माह से इंतजार चल रहा है। यह कब खत्म होगा, फिलहाल तय नहीं है, क्योंकि अफसरों के निर्देश पर मातहत तत्परता से अमल नहीं कर रहे हैं।

परिषदीय स्कूलों की 68500 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा 27 मई को हुई, उसका रिजल्ट 13 अगस्त को जारी हुआ। पांच से दस सितंबर तक अधिकांश चयनितों को नियुक्ति पत्र बांटे गए। ऐसे ही 69 हजार शिक्षक भर्ती का विज्ञापन एक दिसंबर को निर्गत हुआ। परीक्षा 18 दिसंबर को कराई गई। यदि हाईकोर्ट ने स्थगनादेश जारी न किया होता तो मंगलवार को रिजल्ट जारी हो जाता। बेसिक शिक्षा में परीक्षा कराकर परिणाम देने की गति काफी तेज है। वहीं, जो अभ्यर्थी सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति पा चुके हैं, उनमें से अधिकांश को अब तक वेतन नहीं मिला है। कुछ जिलों ने वेतन निर्गत करने की पहल जरूर की है। प्रशिक्षु शिक्षक सत्यापन पूरा होने की राह देख रहे हैं। इस संबंध में शिक्षा निदेशक बेसिक से लेकर परिषद सचिव कई बार आदेश जारी कर चुकी है। उसका असर नहीं दिख रहा।

ऐसे ही 68500 शिक्षक भर्ती की स्कैन कॉपी पाने के लिए अभ्यर्थियों ने दो हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट जमा किया, उनमें से कुछ को ही स्कैन कॉपी घर के पते पर मिल सकी है, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कॉपी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। ज्ञात हो कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में करीब नौ हजार आवेदन स्कैन के लिए हुए थे। उनमें से आधे लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। इसी भर्ती के रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोप लगे तो अभ्यर्थियों से आवेदन लेकर कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन कराया गया है। यह कार्य पूरा हो चुका लेकिन, रिजल्ट न आने से नियुक्तियां लटकी हैं। अहम बात यह है कि उच्च स्तरीय समिति ने जिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए अर्ह माना वे भी शिक्षक बनने की लाइन में लगे हैं। नियुक्ति, कॉपी और सभी को वेतन कब से मिलने लगेगा, यह सवाल फिलहाल अनुत्तरित है।

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