बीएड फर्जीवाड़ा में पांच साल तक बांटीं फर्जी छात्रों को अंकतालिका

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2005 फर्जीवाड़े में पांच साल तक चार्ट बदले गए। विश्वविद्यालय के बाहर चार्ट लेकर नए चार्ट तैयार किए गए। विशेष जांच दल (एसआइटी) ने 3637 फर्जी छात्र पकड़े हैं। इन सभी का नाम, रोल नंबर, कॉलेज चार्ट में दर्ज है। मगर, ये कभी कॉलेज नहीं गए और परीक्षा भी नहीं दी।

विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2005 का परीक्षाफल जून 2006 में घोषित किया गया। परीक्षाफल घोषित होने के बाद चार्ट बदले गए, 2011 तक गोपनीय चार्ट में रोल नंबर जनरेट (बिना पढ़े, परीक्षा दिए अंकतालिका जारी करना) किए गए। वहीं, नंबर बढ़ाने के साथ एक रोल नंबर पर दो अंकतालिका जारी कर दी गईं। इन अंकतालिका से फर्जी छात्र शिक्षक बन गए, इनकी अंकतालिका का सत्यापन भी विश्वविद्यालय द्वारा कर दिया गया। एसआइटी द्वारा विश्वविद्यालय को सौंपी गई सूची में 3637 फर्जी छात्र हैं। फर्जी छात्रों का रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए विवि के गोपनीय चार्ट को बाहर निकाला गया, नए चार्ट तैयार कर परीक्षा विभाग और चार्ट रूम में रख दिए गए। पीआरओ डॉ. गिरजा शंकर शर्मा ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन किया जाएगा।

विवि ने हाईकोर्ट में पेश की 2824 फर्जी छात्रों की सूची: 3637 फर्जी छात्रों में से 813 ने विवि में साक्ष्य दिए हैं। ऐसे में विवि ने साक्ष्य ना देने वाले 2824 छात्रों को फर्जी मान लिया है। इनकी सूची हाई कोर्ट में पेश की गई, इस मामले में कोर्ट में बुधवार को बहस हुई, गुरुवार को भी बहस होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.