स्कूली बच्चों को स्वेटर आपूर्ति में फिर फंसा पेच

लखनऊ : एक बार फिर परिषदीय स्कूलों के बच्चों को स्वेटर नही मिलते नजर आ रहे है। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को स्वेटर मुहैया कराने में फिर पेच फंस गया है। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को सरकार की ओर से निर्धारित दर पर स्वेटर मुहैया कराने में सप्लायर फर्म दिलचस्पी नहीं दिखा रही हैं। सरकार द्वारा जारी स्वेटर आपूर्ति टेंडर प्रक्रिया में केवल दो सप्लायर ने ही दिलचस्बी दिखाई है। लिहाजा टेंडर कमेटी ने फिर से स्वेटर आपूर्ति के लिए निविदाएं आमंत्रित करने का फैसला किया है। इन परिस्थितियों में परिषदीय स्कूलों के बच्चों को स्वेटर जाड़ा बीतते-बीतते ही मिलने के आसार हैं। क्या फायदा ऐसी नीतियों की जो समय पर काम न आ सके।

जाड़े से छुटकारा दिलाने के लिए योगी सरकार ने परिषदीय स्कूलों के बच्चो को मुफ्त में स्वेटर बांटने की घोषणा की थी। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 1.54 करोड़ छात्र है जिनको इस साल स्वेटर बांटे जाने हैं। प्रत्येक बच्चे को स्वेटर बांटने के लिए 200 रुपये की धनराशि मंजूर की गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले स्वेटर की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल के जरिये टेंडर आमंत्रित किये थे लेकिन इससे कोई बात नहीं बन पाई। बच्चों को जल्दी से स्वेटर मिल सके इसके लिए विभाग ने ई-बिड के जरिये आपूर्तिकर्ताओं से टेंडर आमंत्रित किये थे। शुक्रवार को जब टेक्निकल बिड खोली गई तो सिर्फ दो सप्लायरों ने ही टेंडर डाले थे। सिर्फ दो टेंडर मिलने के कारण प्रतिस्पर्धात्मक दर न मिल पाने के कारण टेंडर कमेटी ने नए सिरे से टेंडर आमंत्रित करने का फैसला किया है।

अब इच्छुक स्वेटर आपूर्तिकर्ताओं से 27 दिसंबर की शाम 6.30 बजे तक टेंडर आमंत्रित किये गए हैं। 28 दिसंबर की सुबह टेक्निकल बिड और शाम को फाइनेंशियल बिड खोली जाएंगी। इन परिस्थितियों में बच्चों को जाड़े के मौसम में स्वेटर मिलना मुश्किल लगता है। इसे देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और गैर सरकारी संगठनों की मदद से बच्चों को स्वेटर मुहैया कराने की कोशिशों में जुटा है।

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