दिवंगत शिक्षामित्र के परिवार को दी सहयोग राशि

बलिया : सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द करने के बाद से शिक्षामित्र काफी परेशानी झेल रहे है। अब तक कई शिक्षामित्रों ने आत्महत्या कर ली है। उनके चले जाने के बाद उनका परिवार भी आर्थिक तंगी झेल रहा है और ना ही उनके परिवार की मदद के लिए कोई आगे आया। सरकार भी शिक्षामित्रों का अब तक कोई समाधान नहीं कर पाई। सरकार की अदूरर्दिशता की वजह से शिक्षामित्र जलालत के साथ आर्थिक तंगी भी झेल रहे है। इतना सब होने के बावजूद अपनों के लिए शिक्षामित्र कितना संजीदा हैं, इसका नजारा रविवार को बेरुआरबारी में देखने को मिला। पाई-पाई जुटाकर अपने दिवंगत साथी के घर पहुंचे शिक्षामित्रों ने 20 हजार का नकद सहयोग करते हुए सुख-दुख में हमेशा साथ रहने का भरोसा दिया।

शिक्षामित्रों की इस दरियादिली को देखकर वहां मौजूद हर कोई इस कार्य की सरहना कर रहा था। शिक्षा क्षेत्र बेरूआरबारी के प्रावि बेरूआरबारी नम्बर दो पर तैनात शिक्षामित्र वहीद अंसारी की मौत पिछले दिनों सड़क हादसे हो गयी थी। परिवार के मुखिया वहीद की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, क्योंकि वहीद को मिलने वाला 10 हजार रूपया मानदेय ही उसके परिवार का सहारा था। वहीद की मौत के बाद शिक्षक व शिक्षामित्रों के संगठन ने उसके घर जाकर संवेदना व्यक्त की। इस बीच, बेरूआरबारी शिक्षा क्षेत्र के शिक्षकों ने लगभग दो लाख की मदद दी। अपने दिवंगत साथी के परिवार को मदद करने को बेताब शिक्षामित्रों ने दो माह से रुका मानदेय मिलते ही चंदा जुटाकर संगठन के जिला महामंत्री पंकज ¨सह के नेतृत्व पीड़ित परिवार के बीच पहुंच गए और परिजन को 20 हजार रूपये नगद सौंपा इस मौके पर विनय दूबे, सत्येन्द्र मौर्या, शशिभान ¨सह, ब्रजेश, अमृत ¨सह, सुरेन्द्र चौहान, दिलीप प्रसाद, लालजी वर्मा के अलावा प्राशिसं बेरूआरबारी के मंत्री संजय दूबे व उमेश कुमार ¨सह मौजूद रहे। News Source जागरण

पढ़ें- Shikshamitra Sitting on a Hunger Strike on MP Residence

support amount

बलिया : सरकार की अदूरर्दिशता की वजह से शिक्षामित्र भले ही जलालत झेल रहे हों लेकिन उनकी संवेदनाएं आज भी ¨जदा हैं। आíथक तंगी के बावजूद अपनों के लिए शिक्षामित्र कितन

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