बीएड लीगल टीम लखनऊ की कलम से 69000 कट ऑफ मामले की सुनवाई का सार

साथीयो नमस्कार—
दोस्तों जैसे कि मैंने कल ही बता दिया था कि महाधिवक्ता जी लखनऊ में नही है और कल की सुनवाई में रहना मुश्किल है तो ऐसी स्थिति में हमारी टीम की तरफ से सीनियर अधिवक्ता चन्द्रा सर् बहस करेंगे लेकिन लोग भरे लेने के चक्कर मे लोगो को सुबह से महाधिवक्ता को लेकर गुमराह कर रहे थे कि आ गए हैं और कोर्ट में मौजूद हैं जबकि ऐसा नही था।।ऐसे लोगो से मेरा निवेदन है कि जो लोग कोर्ट में आने में असमर्थ हैं उनलोगों को गुमराह न किया करें और सही न्यूज़ दिया करें।

दोस्त जैसा कि कल ही बता दिया था कि हमारी टीम के सीनियर अधिवक्ता प्रशान्त चन्द्रा सर् आज बहस करेंगे और शुरुआत उन्होंने ही कि।।सबसे पहले उन्होंने कोर्ट को बताया कि सरकार appointee ऑथोरिटी है और कभी भी कट ऑफ लगा सकती है,उसके पश्चात सुप्रीम कोर्ट के आनंद बनाम स्टेट के आर्डर को पढ़कर यह बताया कि शिक्षामित्रों को दो मौके, उम्र में छूट और कुछ वेटेज की बात की है लेकिन यहाँ वेटेज इतना दिया गया कि 67 नम्बर पाने वाला ,sm कैंडिडेट 130 नम्बर पानी वाले बीएड कैंडिडेट को भारांक का सहारा लेकर पीछे छोड़ दे रहा है तो ऐसी स्थिति में सीधे समानता के अधिकार का हनन हो रहा है।

इसके बाद चन्द्रा सर् ने रंफीकुद्दीन के आर्डर को लेकर कोर्ट को बताया कि सरकार कभी भी कट ऑफ लगा सकती है, फिर dssb दिल्ली के आर्डर ,औऱ हाल ही में आये म्युनिसिपल कारपोरेशन ऑफ दिल्ली के आर्डर जिसमे की कहा गया है कि अगर आपको विज्ञापन में कोई भी त्रुटि थी तो परीक्षा के पहले आना चाहिए था बाद में नही।।और अगर सीटे पूरी नही भर पाती है तो सीटे खाली रहेंगी लेकिन कम मेरिट वालो से सीटें नही भरी जाएंगी(पॉइन्ट नम्बर 9)।।दोस्तों आज हमारी टीम के चन्द्रा सर् का सबमिशन पूरा हो गया है कल हमारी टीम के जयदीप माथुर सर् या बीटीसी के सीनियर अधिवक्ता द्वारा सबमिशन पूरा किया जाएगा।।आज की सुनवाई से कोर्ट पूरी तरह से हमारे सीनियर द्वारा सन्तुष्ट दिखाई दी।।आपलोगो को बता दु की यह कोर्ट सिंगल बेंच जैसी नही है जिसमे तथ्यों को छुपाकर आर्डर करवाया जाए,उसका जीता जागता सबूत आज यह है कि आज
विपक्षी के सीनियर काउंसल को डाँटकर कोर्ट ने बैठा दिया।। कल हमारे मामले की पुनः सुनवाई लंच बाद होगी।

नोट–आँखों से कमजोर और कानों से कम सुनाई देने वाले लोगों को एक सलाह है कि कल कोर्ट में कानों में गर्म तेल डालकर आये अन्यथा जैसे धारा 370 कश्मीर में हटा दी गई है वैसे ही कभी भी ऐसे लोगों को कोर्ट सुनवाई में आने से मना कर सकती है।।
धन्यवाद
अखिलेश कुमार शुक्ला
बीएड लीगल टीम लखनऊ

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One thought on “बीएड लीगल टीम लखनऊ की कलम से 69000 कट ऑफ मामले की सुनवाई का सार

  1. Rajesh Kumar Shukla

    Primary tet 2018 ka certificate ab kab milega.Dainik Jagran me 15 August ke bad dene ki baat aayi thi.

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