परिषदीय स्कूलों में बिना किताबों के हो रही पढ़ाई

  

स्कूलों में बिना किताबों के पढ़ाई हो रही है। नई किताबें अभी आई नहीं हैं और पुरानी किताबें साबुत बचीं नहीं, जो पुरानी किताबें उपलब्ध हैं, वे नाकाफी हैं। इससे आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्कूलों में छात्र-छात्रओं को किस स्तर की शिक्षा प्रदान की जा रही है।

भाजपा सरकार ने गठन के बाद से बेसिक शिक्षा में व्यापक सुधार की बातें कीं, समय से स्कूल के छात्रों के लिए किताब और ड्रेस उपलब्ध कराने को कहा था। व्यवस्थाओं में सुधार को अफसरों को निर्देश भी दिए। लेकिन ये सुधार की बातें धरातल पर अभी तक उतर नहीं पाईं हैं। क्योंकि अभी तक परिषदीय स्कूलों का सत्र संचालन और व्यवस्थाओं में तालमेल नहीं बन पाया है। परिषदीय स्कूलों में अप्रैल में ही नया सत्र शुरू हो गया। शिक्षक और छात्र स्कूल पहुंचने लगे। शिक्षक बैठे रहते और छात्र खेलते रहते थे।

कुछ स्कूलों में शिक्षक अपने विवेक से ही गणित, अंग्रेजी की जानकारी देते हैं, बच्चों को गिनती, पहाड़े याद कराते हैं। इसकी बानगी अफसरों को निरीक्षण के दौरान देखने को मिली थी। जानकार कहते हैं कि बेसिक स्कूल पढ़ाई में पीछे हैं, इसकी खास वजह हैं। जब तक ये वजह खत्म नहीं होंगी, तब तक शैक्षिक स्तर में सुधार की संभावना कम हैं। सुधार को सत्र संचालन के समय ही छात्रों को किताब और ड्रेस मिलनी चाहिए, लेकिन धरातल पर ऐसा हो नहीं रहा है। ऐसे हालात में स्कूलों में शैक्षणिक स्तर में सुधार की कल्पना नहीं की जा सकती।

प्रभारी बीएसए राजेश चौधरी कहते हैं कि यहां सत्र पहले शुरू होता है और किताबें बाद में आती हैं। किताबों के लिए शासन स्तर से ही टेंडर होता है, हमें तो उपलब्ध किताबों का सिर्फ वितरण कराना होता है। किताब कब आएंगी, इस बारे में कुछ कह नहीं सकते हैं

sarkari result.com 2022 Sarkari Exam 2022 Govt Job Alerts Sarkari Jobs 2022
Sarkari Result 2022 rojgar result.com 2022 New Job Alert 2022 UPTET 2022 Notification
हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी अगर आप उत्तर प्रदेश हिंदी समाचार, और इंडिया न्यूज़ इन हिंदी में पढने के लिए www.primarykateacher.com को बुकमार्क करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *