यूजी-पीजी फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण वाले छात्रों की परीक्षा अलग कमरे में होगी

यूजी-पीजी फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण वाले छात्रों की परीक्षा अलग कमरे में होगी. सिटिंग प्लान में भी छात्रों के बीच दो मीटर की दूरी रखना जरूरी होगा. यूजीसी ने परीक्षा के लिए जारी एसओपी में यह निर्देश दिए हैं. सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण पर संबंधित छात्र को किसी और दिन परीक्षा देने के अवसर का प्रावधान भी किया गया है.

एसओपी में शामिल हैं यह नियम
परीक्षा हॉल या केंद्र के सभी फर्श, दीवारों, प्रवेश द्वार को सेनेटाइज करना होगा.
स्टाफ वेरिफिकेशन के बाद फ्रेश मास्क व ग्लब्स का इस्तेमाल.
प्रवेश द्वार, परीक्षा हॉल, स्टॉफ रूम में सेनिटाइजर, थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था.
परीक्षा की हर पाली के बाद परीक्षार्थियों की कुर्सी-मेज सेनेटाइज करने होंगे.
सभी वॉशरूम की सफाई और सेनेटाइजेशन करना होगा.
दरवाजों के हैंडल, सीढि़यों की रेलिंग, लिफ्ट बटन आदि को भी सेनेटाइज करना होगा.
थर्मो गन से तापमान मापना होगा, परीक्षा से जुड़े अधिकारियों का तापमान ज्यादा मिलने पर उन्हें तत्काल बाहर करना होगा.
छात्रों के साथ प्राध्यापकों के लिए आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना जरुरी होगा.
प्रत्येक दिन के आखिरी में मास्क और ग्लव्स का निस्तारण पैडल-पुश डस्टबीन में करना होगा आदि.

महामारी से छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए यूजीसी की एसओपी का पालन किया जाएगा. यूजीसी वैसे भी सभी विवि की रेगूलेटरी बॉडी है, इस कारण भी उसके दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी है. परीक्षा के लिए छात्रों को मानसिक रूप से तैयार होना होगा.

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