बढ़ते कोरोना संक्रमण से परीक्षा को लेकर असमंजस में छात्र और शिक्षक

उत्तर प्रदेश में 12वीं तक के स्कूल 15 मई तक बंद रहेंगे। इस अवधि में कोई परीक्षा भी नहीं होगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 20 मई तक के लिए स्थगित की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद काफी हद तक स्थिति भले साफ हो गई। लेकिन बढ़ते कोरोना संक्रमण से छात्र, अभिभावक और शिक्षकों के मन में अब भी असमंजस की स्थिति है।

बांदा के शिक्षक अजय गुप्ता का कहना है कि तेजी से बढ़ रहे करोना संक्रमण से एक बार फिर लॉकडाउन सी स्थिति बन रही है। ऑनलाइन पढ़ाई सारे छात्र नहीं कर सके। ऐसे में संक्रमण के बीच परीक्षा खतरे से कम नहीं है। प्रभाव कम होने पर कोरेाना प्रोटोकाल में परीक्षा होनी चाहिए।

छात्र कैलाश प्रजापति का कहना है कि पहले लॉकडाउन के कारण पढ़ाई चौपट हुई। अब तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण से परीक्षा टलने के बादल मंडरा रहे हैं। इस संकट की खड़ी में काफी मेहनत कर 10वीं की पढ़ाई की है। परीक्षा रद की गई तो पढ़ाई का कोई मतलब नहीं होगा। परीक्षा रद करना उचित फैसला नहीं होगा।

अभिभावक रामनरेश यादव का कहना है कि जिस तरह से कोरोना महामारी पैर पसार रही है। बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा। इस तरह की महंगाई में बच्चों को विद्यालय और कोचिंग भेजकर कोर्स पूरा कराया। अब परीक्षा होगी या नहीं, संशय से बच्चे बहुत परेशान हैं।

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