अब भी अभ्यर्थी भर्ती रिजल्ट से असहमत

Shikshak Bharti Result : शिक्षक भर्ती का दूसरा परिणाम आने के बाद भी अभ्यर्थियों का रोष कम नहीं हो रहा है। शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा के दूसरे रिजल्ट में परीक्षार्थिओं को उन प्रश्नों के उत्तरों पर भी नंबर हासिल हो गए, जो कटिंग करके लिखे गए या फिर जिनके जवाब में वर्तनी आदि की अशुद्धियां थी। इसीलिए दूसरे रिजल्ट आने से सफल होने वाले अभ्यर्थियों का आंकड़ा साढ़े चार हजार को पार गया। इतना सब होने के बाद भी सैकड़ों अभ्यर्थी अब भी संतुष्ट नहीं हैं।

तमाम परीक्षार्थिओं ने असहमति की मुख्य वजह दोबारा मूल्यांकन का नियम आवेदन के बाद बदल जाना है।
असल में, पुनमरूल्यांकन के लिए शासन ने अभ्यर्थियों से 10 से 20 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन लिए थे।
उस समय तक यही कहा जा रहा था कि कटिंग, ओवर राइटिंग और गलत वर्तनी पर अंक नहीं मिलेंगे, क्योंकि भर्ती के शासनादेश में ऐसे ही नियम बने थे।

हाईकोर्ट ने आवेदन पूरा होना के बाद आदेश दिया कि कटिंग, ओवर राइटिंग और प्रश्नों के जवाब की यदि वर्तनी भी गलत है तब भी अंक दिए जाएं। इस पर भी परीक्षार्थी मौन रहे लेकिन लेकिन, दूसरे रिजल्ट में 4688 के सफल होने पर वे परीक्षार्थी खासे निराश हैं, जो चंद अंकों से अनुत्तीर्ण हुए और पुनमरूल्यांकन के लिए इसलिए आवेदन नहीं किया कि उन्हें कटिंग आदि पर अंक नहीं मिलेंगे। ऐसे अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा संस्था ने जब कॉपी के मूल्यांकन का मानक बदला था तो नए सिरे से दोबारा मूल्यांकन के लिए आवेदन लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया इससे वे शिक्षक बनने से चूक गए हैं। अब ये अभ्यर्थी कॉपी के दोबारा मूल्यांकन के लिए कोर्ट की शरण में पहुंचे हैं।

वहीं, ऐसे भी अभ्यर्थी भी कोर्ट जा रहे हैं जो दोबारा मूल्यांकन में भी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके हैं। उनका कहना है कि पुनमरूल्यांकन में पक्षपात किया गया है। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था कि यदि पुनर्मूल्यांकन में गड़बड़ी होती है तो फिर सुनवाई करेंगे। उधर, परीक्षा संस्था की ओर से कहा गया है कि दोबारा मूल्यांकन एससीईआरटी में हुआ है। इसमें उनका कोई रोल नहीं है।

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