एनआईओएस ऑनलाइन डीएलएड कोर्स करने वाले शिक्षकों राज्य सरकारें दें मौका – NCTE

राष्ट्रीय शिक्षक अध्यापक परिषद (एनसीटीई) ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि वे नेशनल ओपन स्कूल (एनआईओएस) से ऑनलाइन डीएलएड कोर्स करने वाले शिक्षकों की पात्रता को मान्यता दें। वे ऐसे शिक्षकों को नए आवेदन के अवसर प्रदान करें। एनसीटीई ने कहा कि पटना उच्च न्यायालय के फैसले के बाद एनसीटीई ने इस कोर्स को नए आवेदनों के लिए भी मान्य स्वीकार किया है। इसलिए सभी राज्यों को भी यह कदम उठाना चाहिए।

एनसीटीई ने उत्तराखंड एनआईओएस डीएलएड टीईटी टीचर्स एसोसिएशन की ओर से मांगी गई जानकारी पर यह स्पष्टिकरण गुरुवार को जारी किया है। एनसीटीई ने कहा कि बिहार में ऐसे शिक्षकों को सरकार की ओर से घोषित नए पदों के लिए आवेदन में शामिल किया गया है। अन्य राज्य भी इसी के अनुरूप कदम उठाएं।

दरअसल, शिक्षा के अधिकार कानूनों के तहत देश के 15 लाख शिक्षकों को पेशेवर आर्हता प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने एनआईओएस के जरिये ऑनलाइन डीएलएड कोर्स कराया था। इसमें सरकारी और निजी स्कूलों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षक शामिल हैं। यह कोर्स करने के बाद शिक्षक अप्रशिक्षित से प्रशिक्षित शिक्षकों की श्रेणी में आ गए थे। लेकिन बिहार समेत कई राज्यों में ऐसे शिक्षकों को नई नौकरी के आवेदन के लिए मान्यता नहीं दी गई। उनसे कहा गया कि यह इन सर्विस कोर्स है, जिसे नए आवेदन के लिए स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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इसके बाद मामला पटना उच्च न्यायालय में पहुंचा। 21 फरवरी 2020 को अदालत ने अपने फैसले में कहा कि एनआईओएस से डीएलएड कोर्स करने वाले शिक्षक नए आवेदन कर सकते हैं। यह कोर्स करने के बाद वे प्रशिक्षित शिक्षकों की श्रेणी में आ गए हैं। यह मान्यता आगे भी रहेगी।

पटना उच्च न्यायालय के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने इस फैसले को चुनौती नहीं देने का फैसला किया था। इसके बाद एनसीटीई ने भी इस कोर्स को नए आवेदनों के लिए भी मान्य करार दिया था। एनसीटीई ने राज्यों से कहा कि वे इन शिक्षकों को नए आवेदनों में मौके प्रदान करें, बशर्ते वे एनसीटीई के तहत 23 अगस्त 2010 को निर्धारित अन्य मानकों को भी पूरा करते हों, जैसे टीईटी, न्यूनतम शैक्षिक योग्यता आदि।

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