आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर भड़के राज्य कर्मचारी

केंद्र सरकार के गवर्मेट ई-मार्केटप्लेस (जेम पोर्टल) से आउटसोर्सिग ऑफ मैनपावर यानी कर्मचारियों की व्यवस्था किए जाने के कार्मिक विभाग के आदेश ने राज्य कर्मचारियों को भड़का दिया है। इसे बेरोजगार युवाओं का अपमान ठहराते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पर पुनर्विचार की मांग की है। परिषद ने आदेश वापस न होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष सुरेश रावत व महामंत्री अतुल मिश्र ने बताया कि पोर्टल की जटिल प्रक्रिया आम गरीब लोगों की समझ से बाहर है, जबकि आदेश में यह भी स्पष्ट नहीं है कि ऐसे कर्मियों को कहां से कितना वेतन मिलेगा और भर्ती की प्रक्रिया क्या होगी। परिषद ने इस व्यवस्था में शोषण और कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय होने की आशंका जताई है। परिषद ने कहा कि जेम पोर्टल से सामग्री खरीदने की व्यवस्था है। इसलिए इससे कर्मचारियों की आपूर्ति कराने की बजाय सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण के जरिए भर्ती की नीति बनाई जानी चाहिए। परिषद के मुताबिक शासन के साथ बैठक में भी इसी पर सहमति बनी थी।

पदाधिकारियों ने बताया कि शासन से रिक्त पदों पर आउटसोर्सिग से भर्ती न करने और आउटसोर्स कर्मियों को सेवायोजन के जरिये भर्ती करने और उनकी सेवा शर्ते तय करने के लिए एक समिति बनाने की मांग की गई थी। इस पर मुख्य सचिव द्वारा अपर मुख्य सचिव कार्मिक की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने ड्राफ्ट मॉडल तैयार किया था। इसे कैबिनेट में ले जाने का इंतजार किया जा रहा है। परिषद ने मुख्यमंत्री से इस निर्णय पर पुनर्विचार के साथ ही रिक्त तीन लाख पदों पर जल्द नियमित भर्ती कराने की मांग की है।

सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण प्रक्रिया से भर्ती पर बनी थी सहमति

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