शिक्षा का बजट दोगुना करने सहित जीडीपी के छह फीसद खर्च का वादा – कांग्रेस

  

नई दिल्ली: देश को शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) देने वाली कांग्रेस ने शिक्षा को मजबूती देने के लिए एक बार फिर बड़ा दिल दिखाया है। पार्टी ने 2019 के आम चुनावों को लेकर जारी अपने घोषणा पत्र में अगले पांच में शिक्षा पर दोगुना खर्च करने के वादे के साथ देश की कुल जीडीपी का छह फीसद खर्च करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि यह एक बड़ी चुनौती है। मौजूदा सरकार ने भी शिक्षा पर जीडीपी का छह फीसद खर्च करने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन यह अभी भी चार फीसद के आसपास ही है। यह स्थिति तब है, जब पिछले पांच सालों में शिक्षा के बजट को 65 हजार से बढ़ाकर करीब एक लाख करोड़ तक पहुंचा दिया है।

कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में और भी कई बड़े वादे किए हैं। इनमें 31 मार्च 2019 तक के पुराने शिक्षा ऋणों पर बकाया ब्याज माफ करने जैसे बड़े वादे भी हैं। इसके अलावा 12वीं तक शिक्षा को मुफ्त करने के साथ सरकारी स्कूलों में विभिन्न उद्देश्यों के तहत लिए जाने वाले विशेष शुल्क की प्रथा को भी खत्म करने का वादा अहम है। वहीं छात्रवृत्ति की संख्या को भी बढ़ाने का वादा किया गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के आरक्षण रोस्टर को बहाल करने का भी वादा किया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार फिलहाल इसे लेकर अध्यादेश लायी है। घोषणा पत्र में कांग्रेस ने इसके साथ ही मेडिकल कालेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली नीट परीक्षा की मौजूदा प्रक्रिया को बदलने का वादा किया है। साथ ही कहा है कि मौजूदा प्रक्रिया राज्य के मेडिकल कालेजों में उस राज्य के मूल निवासी छात्रों के प्रवेश के अधिकार में हस्तक्षेप करती है। यह भेदभाव पूर्ण है। इसके लिए राज्य स्तरीय परीक्षा आयोजित की जाएगी। उच्च शिक्षा के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए भी कांग्रेस ने विशेष अभियान चलाने का वादा किया है।

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