टीजीटी: चार प्रश्नों के गलत उत्तर पर आपत्ति करते हुए दाखिल हुई थी याचिका

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टीजीटी हिंदी परीक्षा 2016 में चार प्रश्नों के गलत उत्तर पर आपत्ति करते हुए दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने संगीता व दो अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।

याचिका में हंिदूी विषय के प्रश्न संख्या 48, 88,107 व 116 के उत्तर विकल्पों पर सवाल उठाए गये हैं। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा 2016 में विज्ञापित यूपी टीजीटी हिंदी विषय की लिखित परीक्षा आठ व नौ मार्च 2019 को आयोजित हुई। इसका परिणाम व संशोधित उत्तरकुंजी 26 नवंबर 2019 को घोषित हुई। संशोधित उत्तरकुंजी में अभ्यर्थियों ने कुछ प्रश्नों के उत्तर में विसंगति पाते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी। लेकिन, चयन बोर्ड ने उस पर विचार नहीं किया। इससे निराश होकर अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दिया है।

गाजियाबाद में आवास योजना में घपला, सरकार से जवाब तलब : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद में श्री कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत आवास आवंटन में घपले को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर राज्य सरकार से एक माह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) गाजियाबाद को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया है।

ग्राम पंचायत अधिकारी के खाली पदों को भरने का निर्देश : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 2015 की ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में खाली रह गए पदों को भरने के करुणोश कुमार केस में दिए गए फैसले के तहत कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने जौनपुर के संतोष कुमार त्रिपाठी व अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची अधिवक्ता मुजीब अहमद सिद्दीकी का कहना था कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ ने 2015 में 3587 ग्राम पंचायत अधिकारियों की भर्ती निकाली थी। लिखित परीक्षा एवं पुनरीक्षित परिणाम के बाद साक्षात्कार लिए गए।

अस्तित्व विहीन विद्यालय में अध्यापक की नियुक्ति की मांग खारिज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरवर संस्कृत आदर्श महाविद्यालय किशोरगंज सलेमपुर, देवरिया में सहायक अध्यापक की नियुक्ति मामले को लेकर दाखिल विशेष अपील को खारिज कर दिया है। कहा कि याची को राहत देने से इन्कार कर सही निर्णय लिया है। एकल पीठ ने राहत देने से इन्कार कर सही निष्कर्ष निकाला है। यह आदेश न्यायमूर्ति भारती सप्रू व न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने ओमप्रकाश पांडेय व आठ अन्य की विशेष अपील को खारिज करते हुए दिया है।

 

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