कहीं शिक्षक अधिक तो कहीं एक भी नहीं, विद्यालय बंद

  

Basicसिद्धार्थनगर – भनवापुर। सरकार परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का माहौल बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। जिससे गांव के बच्चे गांव के विद्यालय पर शिक्षण ग्रहण कर सकें। मगर कहीं- कहीं जिम्मेदारों की अनदेखी बच्चों के भविष्य के लिए संकट बन चुकी है। भनवापुर के परिषदीय विद्यालयों का बुरा हाल है। यहां दो विद्यालय ऐसे हैं, जहां शिक्षकों की तैनाती न होने से ताला लटका रहा है और बच्चे दूसरे गांव के विद्यालय में पढ़ने जाने के लिए विवश हैं। वहीं कई ऐसे भी विद्यालय हैं, जहां मानक से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं।

भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र में बच्चों की शिक्षा भगवान भरोसे चल रही है। कहीं शिक्षकों की भरमार, कहीं एकल, तो कहीं शिक्षकों के अभाव में परिषदीय स्कूलों में ताले लटक रहे हैं। जहां पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र में कुल प्राथमिक 123, पूर्व माध्यमिक 26 तथा कंपोजिट 38 विद्यालय में पंजीकृत करीब 31 हजार छात्र-छात्राओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी 510 शिक्षकों पर है। बावजूद इसके पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवरिया चमन, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बस्ती बरगदवा शिक्षकों के अभाव में ताला लटक रहा है। बंद विद्यालय कोड़ौरा, फूलपुर राजा इसी सत्र कंपोजिट विद्यालय बनने पर संचालित हो रहा है। बस्ती बरगदवा गांव निवासी अभिभावक रामहित ने कहा कि उनका लड़का इस साल कक्षा छह में था। मगर विद्यालय बंद होने के कारण दूसरे गांव में पढ़ने के लिए जाता है। देवरिया चमन गांव निवासी ओमप्रकाश ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण बंद है। विद्यालय बना दिया गया, लेकिन शिक्षक भी तैनात नहीं किए गए। जबकि कई विद्यालय पर संख्या से अधिक शिक्षक तैनात हैं। इस पर जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरूरत है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी भनवापुर बिंदेश्वरी प्रसाद मिश्र ने कहा कि बंद विद्यालयों की जानकारी उन्हें है, लेकिन शिक्षकों के नियुक्त व स्थानांतरण शासन स्तर से होता है। मैं इसमें अपने स्तर से कुछ नहीं कर सकता।


इन विद्यालयों में हैं सबसे अधिक शिक्षक
ब्लॉक क्षेत्र में जहां कई विद्यालय शिक्षकों की कमी के कारण बंद है या एकल शिक्षक हैं। वहीं, कंपोजिट विद्यालय शाहपुर में 13 शिक्षक, कंपोजिट विद्यालय बिजवार बढ़ई, में 11 तथा जुड़वनियां में सात शिक्षकों की तैनाती है।

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