कई राज्यों में फैला सॉल्वर गैंग का नेटवर्क

आगरा: पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने वाले सॉल्वर गैंग की जड़ें काफी गहरी हैं। गैंग का नेटवर्क दिल्ली सहित कई राज्यों में फैला हुआ है। पुलिस को सरगना समेत 30 लोगों की तलाश है। इस गैंग से जुड़े 35 सॉल्वरों और ठेका देने वाले अभ्यर्थियों समेत को जेल भेज चुकी है।

पुलिस भर्ती परीक्षा में पांच से सात लाख रुपये में अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका लेने वाले गैंग का सरगना फीरोजाबाद के जफराबाद निवासी रजनेश है। उसने पांच से सात लाख रुपये में पास कराने का ठेका लिया और अभ्यर्थियों की जगह लिखित परीक्षा में सॉल्वर बैठाए। इसमें भर्ती परीक्षा की तकनीकी सहायक कंपनी टीसीएस के कुछ कर्मचारियों से भी सरगना ने सेटिंग की थी। आगरा में प्रमाण पत्र सत्यापन के दौरान फोटो मिलान और बायोमैटिक परीक्षण में पोल खुल गई। इसके बाद सॉल्वर, अभ्यर्थी और टीसीएस के कर्मचारी समेत 35 लोग पुलिस ने अब तक गिरफ्तार कर जेल भेज दिए। इसमें सरगना रजनेश समेत 30 लोग अभी फरार हैं।

सरगना का नेटवर्क: रजनेश शातिर किस्म का है। वह मुखर्जी नगर दिल्ली में कोचिंग कर रहे अच्छे स्टूडेंट्स को प्रलोभन देकर परीक्षा में बैठने के लिए तैयार कर लेते हैं। इस गैंग के अन्य सदस्य भर्ती देख रहे युवाओं को गारंटी देकर जाल में फंसा लेते हैं। अब तक एटा, फीरोजाबाद, फरुखाबाद, आगरा और राजस्थान के कुछ अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाने का मामला सामने आ चुका है। पुलिस अब गैंग के सरगना के साथ ही अपनी जगह परीक्षा में सॉल्वर बैठाने वालों को भी तलाश रही है।

टाइमिंग से खुलेगी पोल: क्राइम ब्रांच ने टीसीएस कंपनी से बायोमैटिक परीक्षण करने की टाइमिंग का डाटा मांगा है। केंद्र पर बायो मैटिक परीक्षण सुबह नौ से शाम छह बजे तक होता है। इस समय से पहले और बाद में जो भी सत्यापन हुए होंगे वे पुलिस की जांच के दायरे में होंगे। क्योंकि सोमवार को हरीपर्वत थाने से जेल गए टीसीएस कंपनी के कर्मचारी से पूछताछ में यह पर्दाफाश हुआ था कि वह 60 हजार रुपये लेकर अपने घर पर बायोमैटिक परीक्षण करता था।

लोगों की तलाश फीरोजाबाद के रहने वालों की पुलिस को

से सात लाख में लेता था भर्ती को ठेका

की हो चुकी है गिरफ्तारी इनमें सॅाल्वर भी शामिल

सॉल्वर गैंग के सरगना समेत 30 लोगों की तलाश में दबिश दी जा रही है। इसमें थाना पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच टीम को भी लगाया गया है।

बबलू कुमार, एसएसपी

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