कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की हालत में सुधार करने के संकेत

कौशांबी : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की हालत दयनीय है। शुक्रवार को वीसी (वीडियो कांफ्रेंसिंग) के दौरान राज्य परियोजना के निदेशक ने इस ओर इशारा किया। साथ ही कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की हालत में सुधार करने के संकेत देते हुए इनका कायाकल्प किए जाने की योजना बताई। कहा कि नगर निकाय व ग्राम पंचायतों से भी स्कूल की सूरत बदलने के लिए धन लिया जाए। वीसी के बाद बीएसए ने सभी कस्तूरबा विद्यालयों की वार्डन के साथ बैठक कर फैसले का पालन करने का निर्देश दिया और विद्यालय में व्यवस्था के संदर्भ में जानकारी मांगी।

जिले के हर ब्लाक में ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को बेहतर शिक्षा देने के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बनाए गए हैं। इन स्कूलों की हालत सही नहीं है। छत से टपकता पानी, टूटी खिड़कियां। शौचालय के टूटे दरवाजे और सालों से बदहाल बड़े भवन स्कूलों की पहचान बन गए है। अब इनके सुधार की कवायद तेज हो गई है। इन स्कूलों को ब्लाक स्तर पर मॉडल बनाए जाने को लेकर राज्य परियोजना ने कदम उठाया है। इसको लेकर शुक्रवार को वीडियो कान्फ्रेसिंग हुई। इस दौरान लिए गए फैसलों को लेकर बीएसए ने कर्मचारियों के साथ चर्चा की। बीएसए ने सभी वार्डनों के साथ बैठक करते हुए कहा कि उनके विद्यालय में क्या है और किस चीज की जरूरत है। इसकी एक सूची तैयार किया जाए। सभी स्कूल अपनी जरूरत की वस्तुओं की मांग करते हुए एक पत्र भेजें। जिससे उनकी जरूरत के अनुसार योजना तैयार की जा सके। नए साल में हर स्कूल को बेहतर नजर आना है। इसके लिए अभी से लग जाए। किसी प्रकार की लापरवाही शासन के निर्देश की अवहेलना होगी। इसको लेकर कार्रवाई भी की जा सकती है।

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