शिक्षा मित्र सैलरी लेटर वायरल

सोशल मीडिया पर शिक्षा मित्र वेतन को लेकर एक लेटर दिनभर सुर्खियों बटोरता रहा। शिक्षामित्रों का वेतन 17 हजार किये जाने के संबंध में था। इस लेटर को लेकर लोग काफी परेशांन होने लगे और इस लेटर की हकीकत जानने के लिए लोगो के फोन व मोबाइल बजते रहे। कही से कोई जानकारी नहीं मिली पा रही थी, तो फिर बेसिक शिक्षा मंत्री कार्यालय से इस संबंध में संपर्क किया गया, तब जाकर इस लेटर की हकीकत से पर्दा उठा। बेसिक शिक्षा मंत्री कार्यालय ने इस लेटर को एकदम फ़र्ज़ी बताया। लेटर के बारे में जानकारी प्राप्त होने के बाद लोगो को सुकून आया। बेसिक शिक्षा मंत्री कार्यालय इस संबंध में तुरंत एक्शन लेते हुए इस मामले पर जांच बिठा दी है। दरअसल, बेसिक शिक्षा परिषद् सचिव संजय सिन्हा के आदेश से जारी फर्जी लेटर सोशल मीडिया के जरिए शिक्षामित्रों तक पहुंचा। इसमें लिखा था कि शिक्षामित्रों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग ने तत्काल सभी शिक्षामित्रों का मानदेय 17 हजार रुपये कर दिया हैं। सभी जनपदों के BSA शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय में सात दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण कराए। निर्देशों की अवहेलना कर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षामित्रों की सेवा समाप्त होगी।

बेसिक शिक्षामंत्री कार्यालय ने किया खुलासा : सोशल मीडिया पर सुर्खिया बटोरता लेटर वायरल लेटर दैनिक जागरण संवाददाता के हाथ लग गया। संवाददाता ने बेसिक शिक्षामंत्री अनुपमा जायसवाल के मोबाइल पर संपर्क किया गया तो, मंत्री कार्यालय ये जांचने में लग गया की ऐसा कोई लेटर बेसिक शिक्षा सचिव ने जारी किया है या नहीं। मंत्री कार्यालय से पांच मिनट के बाद फोन आया और लेटर के फर्जी होने की पुष्टि की गई। साथ ही इस फर्जी लेटर पर जांच बिठाने की बात भी कही।

चढ़ाई आस्तीन, फूंका आंदोलन का बिगुल : सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी लेटर की पुष्टि होने पहले ही विरोधी स्वर मुखर होने लगे। शिक्षामित्र नेताओं ने आस्तीन चढ़ा ली और 16 अगस्त से आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। कहा, शिक्षामित्र पद पर वापसी को तैयार नहीं है। सम्मान वापस पाने को आरपार की लड़ाई से पीछे नहीं रहेंगे।

“हमें सम्मान चाहिए, खैरात नहीं। अपने पद से इस्तीफा देना मंजूर है, लेकिन 17 हजार रुपये मानदेय नहीं। संगीता, शिक्षामित्र

फिलहाल जो लेटर दिखाया जा रहा है, वह फर्जी है। यदि सरकार ऐसा कोई आदेश जारी करेगी तो संगठन उसे मंजूर नहीं करेगा। डॉ.केपी सिंह, जिलाध्यक्ष, समायोजित शिक्षामित्र

शिक्षक संघलेटर पढ़कर को सम्मान को ठेस पहुंची। 40 हजार रुपये पाने वाले 17 हजार रुपये पाएंगे, यह बर्दाशत नहीं होगा। संजू कटियार, जिलाध्यक्ष, महिला मोर्चा शिक्षामित्र संघ

सरकार शिक्षामित्रों के दर्द को महसूस करे और पुनर्विचार याचिका डालकर शिक्षामित्रों को समायोजित करे। अरुण कुमार, शिक्षामित्र

Shikshamitra Salary Letter

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