शिक्षामित्र प्रति‌निधिमंडल गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला

शिक्षामित्रों का एक प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला और अपनी समस्याओं से अगवत कराया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने वाले प्रतिनिधि मंडल में उप दूरस्थ बतक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव व अन्य पदाधिकारी थे जिन्होंने मुख्यमंत्री योगी के समक्ष अपनी मांगें रखीं। और शिक्षामित्र प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री योगी से अनुरोध किया कि सहायक शिक्षक पद से जिन शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द हुआ है उनको पुनः समायोजित किया जाये। शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों के प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दियाला कि सरकार शिक्षामित्रों की मदद के लिए हरसंभव उपाय तलाश रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों के प्रतिनिधि मंडल से अनुरोध किया की वो स्कूलों में जाकर पढ़ाने का कार्य करे।

आज दिल्ली जाएंगे योगी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री योगी उप राष्ट्रपति के चुनाव में मतदान करने के लिए दिल्ली जा रहे है। उप राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार को दो बजे राजकीय विमान से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे और वही से शनिवार को योगी म्यांमार के लिए रवाना हो जायेंगे और म्यांमार से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को वापस लौटेंगे

सरकार के भरोसे के बाद से शिक्षामित्रों ने अपना आंदोलन रोक दिया है अब सरकार शिक्षामित्र आंदोलन रूकबने के बाद उनकी समस्या के समाधान पर मंथन कर रही है। फिलहाल सरकार फौरी राहत के लिए शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने और मूल या समायोजित विद्यालय में बने रहने के फॉर्म्युले पर चलने की तैयारी कर रही है। शिक्षामित्रों को आगे चलकर कुछ और राहत दी जा सकती है। शिक्षामित्र संगठनों की अपर मुख्य सचिव बेसिक आरपी सिंह और बाद में सीएम योगी आदित्यनाथ से दौरान दोनों ही पक्षों ने अपने-अपने विकल्प रखे। प्रदेश सरकार के आश्वासन के बाद शिक्षामित्रों ने अपने अपने स्कूल में पढ़ाने जाने लगे। अब प्रदेश सरकार की बरी है वो शिक्षामित्रों के बारे में क्या सोचती है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश सरकार ने शिखामित्रों के सामने 10 हजार रुपये मानेदय देने का विकल्प रखा था जिस पर वह तैयार नहीं थे।

शिक्षामित्रों के मानदेय को कुछ और बढ़ाने की संभावनाओं पर शासन काम कर रहा है। तैनाती के सवाल पर सरकार सहमत है कि शिक्षामित्र मूल विद्यालय में काम करें या जहां वह समायोजित किए गए थे। जहां उनका सहायक अध्यापक के तौर पर तबादला हुआ था वह वहां भी पढ़ा सकते हैं। हालांकि, वेतन 11 महीने का ही मिलेगा जिससे संविदा की उनकी स्थिति बनी रहे।

शिक्षक भर्ती नियमावली में संशोधन: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार शिक्षामित्रों को उम्र व अंकों में वेटेज के लिए सरकारी शिक्षक भर्ती नियमावली में संशोधन की तैयारी कर रही है। ताकि अर्हता की उम्र पार कर चुके शिक्षामित्रों को भी नई भर्ती में शामिल होने का मौका मिले। वहीं, कोशिश यह भी है कि वेटेज का फॉर्म्युला कुछ यूं रखा जाए कि शिक्षा मित्र  योग्यता की दौड़ में मजबूती से शामिल हो सकें। दरअसल, पिछले 17 सालों में मेरिट के पैटर्न में काफी बदलाव आ चुका है। स्टेप मार्किंग के बाद बोर्ड परीक्षाओं में ज्यादा नंबर मिलने लगे हैं। ऐसे में अगर वेटेज प्रक्रिया तार्किक नहीं बनाई गयी तो भर्ती में शिक्षा मित्र कहीं ठहर ही नहीं पाएंगे।Shikshamitra Pratinidhi Mandal

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