लिखित परीक्षा रद कराने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे अभ्यर्थी

प्रयागराज : परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) दफ्तर पर 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी गुरुवार को उग्र हो गए। सैकड़ों की संख्या में पीएनपी कार्यालय पर जुटे अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। डीएम के न होने की सूचना पर उपजिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया और मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय देने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। जब ज्ञापन लेने कोई नहीं आया तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए छात्र लक्ष्मी चौराहा होते हुए छात्रसंघ पहुंचे।

छात्रसंघ भवन पर एडीएम के नेतृत्व में सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने प्रतियोगियों को घेर लिया। जब छात्र आगे बढ़ने लगे तो डीएम सुहास एलवाइ खुद पहुंच गए और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन लिया। परीक्षा नियामक प्राधिकारी से वार्ता के साथ ही साथ मुख्यमंत्री से मिलवाने का भी आश्वासन दिया। कलेक्ट्रेट पर आंदोलन का नेतृत्व करते हुए सुनील मौर्य ने कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में व्यापक पैमाने पर अनियमितता हुई है। परीक्षा 11 बजे से शुरू हुई, लेकिन छात्रों के वाट्सएप पर 11 बजे से पहले ही आंसर की जारी हो गई। शिक्षक भर्ती न्याय मोर्चा के बैनर तले छात्रों ने कहा कि सरकार छात्रों को आपस में लड़ाना बंद करे । भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान अनुराधा तिवारी, समरीन, कोमल, अलाउद्दीन, सुनील यादव, निरंजन देव, शैलेश पासवान, अजय वर्मा, अभिषेक पांडेय, राकेश कुमार, सीएम सिंह, विवेक यादव, राकेश वर्मा, दिनेश यादव, विपुल श्रीवास्तव, राजेश कुमार मौर्य, अजय वर्मा, हेमंत यादव, अनिल यादव आदि शामिल रहे।likhit pariksha Cancellation

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